फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Nikay Chunav UP: Only those who fought face to face could save their security money

Nikay Chunav UP : जो आमने-सामने लड़े बस उनकी ही बच सकी जमानत, हारने वाले केवल 18 की नहीं हुई जब्त

Mon, 17 Apr 2023 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमित मुद्गल, लखनऊ
अमित मुद्गल, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 17 Apr 2023 05:50 AM IST
सार

पिछले निकाय चुनाव की बात करें तो जनता ने केवल उन्हीं दिग्गजों को वोट ज्यादा दिया जो आमने सामने चुनाव लड़े थे। महापौर चुनाव में विजेता के अलावा केवल उसी महारथी की जमानत बच पाई जो उप विजेता रहा। 
 

विज्ञापन
Nikay Chunav UP: Only those who fought face to face could save their security money
निकाय चुनाव... - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नगर निकाय चुनाव के लिए रणभूमि तैयार हो गई है। पिछले निकाय चुनाव की बात करें तो जनता ने केवल उन्हीं दिग्गजों को वोट ज्यादा दिया जो आमने सामने चुनाव लड़े थे। महापौर चुनाव में विजेता के अलावा केवल उसी महारथी की जमानत बच पाई जो उप विजेता रहा। 16 में से 14 नगर निगमों में महापौर पद के चुनाव में यही हुआ। इस पद के लिए मैदान में उतरे 213 में से बस 18 ही अपनी जमानत बचाने में सफल रहे।

विज्ञापन


एक बार फिर से चुनावी शंखनाद हो चुका है। सभी महारथी अपने अपने हिसाब से तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में पिछले चुनाव का भी अध्ययन कर रहे हैं ताकि पिछले चुनाव से सबक लेकर इस बार गलतियां न की जाएं। यूं तो यह पूरा चुनाव ही अहम है लेकिन महापौर पद के पर सभी की निगाह रहती है। यदि पिछले चुनाव की बात करें तो वर्ष 2017 में 16 नगर निगमों में चुनाव हुआ था जिनमें 14 पर भाजपा के महापौर प्रत्याशी जीत गए थे। मेरठ और अलीगढ़ में बसपा जीती थी जबकि सपा और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। खास बात यह रही थी कि कई सीटों पर मुकाबले कड़े रहे थे। केवल सहारनपुर और वाराणसी को छोड़ दिया जाए तो बाकी 14 निगमों में महापौर के लिए चुनाव लड़ने वाले बस एक एक ही उम्मीदवार की जमानत बच पाई थी। अन्य सभी की जमानत जब्त हो गई थी। जनता जर्नादन ने आमने सामने के लड़ाकों को ही सबसे ज्यादा वोट दिए थे।
विज्ञापन


नगर निगम में जमानत गंवाने वालों की संख्या

  • अयोध्या 7
  • बरेली 16
  • फिरोजाबाद 9
  • गोरखपुर 11
  • झांसी 18
  • लखनऊ 17
  • मथुरा 6
  • मुरादाबाद 11
  • मेरठ 6
  • प्रयागराज 22
  • अलीगढ़ 11
  • आगरा 11
  • कानपुर 11
  • सहारनपुर 9
  • जमानत गई
  • सपा - 10
  • बसपा - 11
  • कांग्रेस- 11


यहां केवल दो प्रत्याशी बचा पाए थे जमानत
सहारनपुर में भाजपा के संजीव वालिया ने महापौर पद पर चुनाव जीत लिया था। उन्हें 121201 वोट मिले थे। बसपा उम्मीदवार फजलुर्रहमान 119201 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। दोनों के बीच तगड़ा मुकाबला हुआ था। उधर कांग्रेस प्रत्याशी शशि कुमार वालिया 69270 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। विजेता के अलावा यहां कांग्रेस और बसपा उम्मीदवार की ही जमानत बची थी। सपा उम्मीदवार साजिद समेत बाकी 9 उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। इसी तरह से वाराणसी में भाजपा उम्मीदवार मृदुला 192188 मत पाकर जीत गई थीं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस की शालिनी 113345 वोट मिले थे जबकि सपा उम्मीदवार साधना गुप्ता 99272 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहीं थी। यहां दूसरे और तीसरे नंबर के उम्मीदवार की जमानत ही बची थी। बाकी अन्य तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे जिनकी जमानत जब्त हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह जमानत होती है जब्त
प्रत्येक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र के साथ एक निर्धारित रकम जमानत के दौर पर जमा करता है। यदि कोई प्रत्याशी कुल पड़े वैध मतों का 1/6 यानी कुल 16.66 प्रतिशत हिस्सा हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। यदि वह इतना हिस्सा पा जाता है तो उसकी जमानत राशि लौटा दी जाती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी सीट पर 100000 लाख मत पड़े हैं और यदि किसी उम्मीदवार को 16666 से कम वोट मिले हैं तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाएगी। नामांकन रद्द होने या वापस होने की स्थिति में जमानत राशि लौटा दी जाती है। यदि उम्मीदवार की चुनाव से पहले मौत हो जाए तो भी उसके परिजनों को यह राशि लौटाने का प्रावधान है।


यह है इस बार जमानत राशि
नगरीय निकाय चुनाव में महापौर पद के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि 12000 रुपये, पार्षद के जमानत राशि 2500 रुपये तय की गई है। एससीएसटी, महिला एवं ओबीसी वर्ग के लिए महापौर पद पर जमानत राशि 6000 रुपये, पार्षद के लिए 1250 रुपये तय की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए अनारक्षित वर्ग की जमानत राशि राशि 8000 रुपये, एससीएसटी, महिला ओबीसी के लिए 4000 रुपये तय की है। सदस्य के लिए अनारक्षित वर्ग की जमानत राशि 2000, एससीएसटी, महिला एवं ओबीसी के लिए 1000 रुपये तय की गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष पद में अनारक्षित वर्ग के लिए जमानत राशि 5000 रुपये, एससीएसटी महिला एवं ओबीसी वर्ग के लिए राशि 2500 रुपये तय की है। सदस्य के लिए इसी तरह अनारक्षित के लिए 2000 रुपये, एससीएसटी, महिला ओबीसी के लिए 1000 रुपये बतौर जमानत राशि तय की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed