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यूपी: नवंबर में हो सकता है नगर निकाय चुनाव, वार्डों के गठन, परिसीमन व सीटों के आरक्षण पर हो रहा मंथन
Sun, 03 Apr 2022 08:55 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 03 Apr 2022 08:55 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव नवंबर में हो सकता है। इसके लिए वार्डों के गठन, परिसीमन व सीटों के आरक्षण पर मंथन किया जा रहा है। विभागीय मंत्री के साथ जल्द ही अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें फार्मूला तय करने के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
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विस्तार
प्रदेश में होने वाले नगर निकाय के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नगर विकास विभाग के स्तर पर नव गठित नगर निकायों में वार्डों के गठन, परिसीमन और सीटों के आरक्षण को लेकर मंथन चल रहा है।
नगर पंचायतों में कम से कम 10 और अधिकतम 24 वार्ड करने और नगर पालिका परिषदों में कम से कम 25 और अधिकतम 56 वार्ड निर्धारित करने समेत वार्डों के गठन में आबादी की संख्या निर्धारित करने को लेकर भी विचार चल रहा है। जबकि नगर निगमों में न्यूनतम 60 और अधिकतम 110 वार्ड को आधार माना जा सकता है।
वार्डोंं के गठन, परिसीमन व सीटों के आरक्षण पर हो रहा मंथन
दरअसल 2017 में हुए निकाय चुनाव में 2011 की जनगणना के आधार पर आबादी के मुताबिक वार्डों के गठन और जातिवार जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का फार्मूला तैयार किया गया था। लेकिन इस बार स्थिति में काफी बदलाव है। अधिकारी नए नगर निकायों के गठन और सीमा विस्तार के बाद की स्थिति को देखते हुए वार्डों के परिसीमन और आरक्षण के नये फार्मूले पर विचार कर रहे हैं।
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मंत्री के साथ अधिकारियों की बैठक जल्द
2017 में 16 नगर निगमों, 198 पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में चुनाव हुआ था। इस बार 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 517 नगर पंचायतों में चुनाव होना है। इसलिए सबसे पहले इनमें वार्डों का गठन किया जाना है। वार्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों का आरक्षण किया जाएगा और इसके बाद मेयर और अध्यक्ष की सीटों का आरक्षण होगा। विभागीय मंत्री के साथ जल्द ही अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें फार्मूला तय करने के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
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नगर पंचायतों में कम से कम 10 और अधिकतम 24 वार्ड करने और नगर पालिका परिषदों में कम से कम 25 और अधिकतम 56 वार्ड निर्धारित करने समेत वार्डों के गठन में आबादी की संख्या निर्धारित करने को लेकर भी विचार चल रहा है। जबकि नगर निगमों में न्यूनतम 60 और अधिकतम 110 वार्ड को आधार माना जा सकता है।
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वार्डोंं के गठन, परिसीमन व सीटों के आरक्षण पर हो रहा मंथन
दरअसल 2017 में हुए निकाय चुनाव में 2011 की जनगणना के आधार पर आबादी के मुताबिक वार्डों के गठन और जातिवार जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का फार्मूला तैयार किया गया था। लेकिन इस बार स्थिति में काफी बदलाव है। अधिकारी नए नगर निकायों के गठन और सीमा विस्तार के बाद की स्थिति को देखते हुए वार्डों के परिसीमन और आरक्षण के नये फार्मूले पर विचार कर रहे हैं।
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मंत्री के साथ अधिकारियों की बैठक जल्द
2017 में 16 नगर निगमों, 198 पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में चुनाव हुआ था। इस बार 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 517 नगर पंचायतों में चुनाव होना है। इसलिए सबसे पहले इनमें वार्डों का गठन किया जाना है। वार्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों का आरक्षण किया जाएगा और इसके बाद मेयर और अध्यक्ष की सीटों का आरक्षण होगा। विभागीय मंत्री के साथ जल्द ही अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें फार्मूला तय करने के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।