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BSP: विधानसभा में सूपड़ा साफ होने के बाद बसपा के लिए बड़ी चुनौती बने निकाय चुनाव, अब ये है रणनीति
Tue, 13 Dec 2022 01:59 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 13 Dec 2022 01:59 PM IST
सार
यूपी में होने वाले निकाय चुनाव बसपा के लिए कड़ी चुनौती बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी का हर फॉर्मूला फेल हो चुका है। ऐसे में पार्टी साफ छवि वाले नेताओं पर ही दांव लगाएगी।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नगर निकाय चुनाव बसपा के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि पार्टी इसमें अपनी परफार्मेंस बेहतर करने का प्रयास करेगी। वर्ष 2017 में प्रदेश के 16 नगर निगमों में से 14 पर भाजपा का कब्जा था, जबकि मेरठ और अलीगढ़ में बसपा के महापौर थे।
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इस बार के विधानसभा चुनाव में जिस तरह बसपा की दुर्गति हुई उससे निकाय चुनाव में बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि निकाय चुनाव के समीकरण अलग है। अनुसूचित जाति के साथ अन्य वोटरों को जोड़कर बसपा सोशल इंजीनियरिंग करती रही है पर अब यह फार्मूला फेल हो चुका है।
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ऐसे में वह क्या करे, क्या न करे इसी पर विचार कर रही है। वहीं, पार्टी सिपहसालार हर उम्मीदवार को सुप्रीमो से मिलाना चाहते हैं, लेकिन सुप्रीमो का कहना है कि साफ छवि वालों को ही टिकट मिलेगा। गलत व्यक्ति को लाने पर कोऑडिनेटर पर ही एक्शन होगा।