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Nikay Chunav: नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना पर लगी रोक जारी, राज्य सरकार ने एक और दिन का मांगा समय

Tue, 13 Dec 2022 07:28 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Tue, 13 Dec 2022 07:28 PM IST
सार

नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर जारी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अधिसूचना पर रोक जारी रखी है। राज्य सरकार ने जवाब देने के लिए एक दिन समय और मांगा है।

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up nikay chup nikay chunav, यूपी निकाय चुनाव, यूपी नगर निगम चुनावunav, यूपी निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर अब बुधवार तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार को भी आदेश दिया कि बुधवार तक बीते 5 दिसंबर को जारी अनंतिम आरक्षण की अधिसूचना के तहत अंतिम आदेश जारी न करे। कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को  उचित आरक्षण का लाभ दिए जाने व सीटों के रोटेशन के मुद्दों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। पहले कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से पूरी जानकारी भी माँगी थी। मंगलवार को सुनवाई के समय सरकार की तरफ  से जवाब पेश करने को एक दिन का वक्त देने का आग्रह किया गया। जिसे कोर्ट ने प्रदान करते हुए पहले लगाई अंतरिम रोक को बुधवार तक बढ़ा दिया और अगली सुनवाई 14 दिसंबर को नियत की है।

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न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश रायबरेली निवासी समाजिक कार्यकर्ता वैभव पांडेय की जनहित याचिका पर दिया। इसमें स्थानीय निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग को उचित आरक्षण का लाभ दिए जाने व सीटों के रोटेशन के मुद्दे उठाए गए हैं। याची का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत जब तक राज्य सरकार तिहरे परीक्षण की औपचारिकता पूरी नहीँ करती तब तक ओबीसी को कोई आरक्षण नहीं दिया जा सकता। राज्य सरकार ने ऐसा कोई परीक्षण नहीं किया। जो सुप्रीम कोर्ट की नजीर का पूरी तरह उल्लंघन है। यह भी दलील दी कि यह औपचारिकता पूरी किए बगैर सरकार ने गत 5 दिसंबर को अनंतिम आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी।
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इससे यह साफ है कि राज्य सरकार ओबीसी को आरक्षण देने जा रही है। साथ ही सीटों का रोटेशन भी नियमानुसार किए जाने की गुजारिश की गई है। याची के अधिवक्ता ने इन कमियों को दूर करने के बाद ही चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने का आग्रह किया।
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उधर, सरकारी वकील ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि 5 दिसंबर की सरकार की अधिसूचना महज एक ड्राफ्ट आदेश है। जिस पर सरकार ने आपत्तियां मांगी हैं। ऐसे में इससे व्यथित याची व अन्य लोग इस पर अपनी आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं। इस तरह अभी यह याचिका समय पूर्व दाखिल की गई है।


 इस पर कोर्ट ने सोमवार को याचिका को सुनवाई के लिए ग्रहण करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि मंगलवार तक चुनाव की अधिसूचना न जरी करे। साथ ही राज्य सरकार को भी निर्देश दिया कि मंगलवार तक बीते 5 दिसंबर की अधिसूचना के तहत जारी आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना पर अंतिम आदेश जारी न करे। कोर्ट ने अब इस अंतरिम रोक के आदेश को बुधवार तक बढ़ा दिया है।

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