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अफसरों के मनमुताबिक बनेंगे निकाय भवन
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 05 Jun 2014 11:47 AM IST
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उत्तर प्रदेश के निकाय भवनों का निर्माण करवाने के लिए आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों से डिजाइन मांगे गए हैं।
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प्रदेश के सभी निकाय भवन एक ही डिजाइन के होंगे। उनके भवन का बाहरी स्वरूप एक ही मॉडल का होगा और इसका रंग भी एक होगा।
सभी निकायों में कंट्रोल रूम बनाने के साथ शिकायतकर्ताओं के लिए अलग से वेटिंग रूम भी बनाया जाएगा।
नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों से डिजाइन का स्वरूप मांगा गया है।
जिलों से आने वाले डिजाइन में सबसे बेहतर मॉडल को अंतिम रूप देते हुए उसके आधार पर ही सभी निकाय भवनों का स्वरूप बदला जाएगा।
स्थानीय निकाय निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने इस संबंध में निकाय अधिकारियों से प्रस्ताव मांग लिया है।
उत्तर प्रदेश में 630 निकाय हैं। इसमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद और 423 नगर पंचायतें हैं।
निकायों का अपना भवन है, लेकिन सभी अलग-अलग डिजाइन पर बने हुए हैं।
कई जिलों में तो निकाय भवन ऐसे बने हुए हैं जो देखने में सरकारी दफ्तर न लगकर मकान लगते हैं। इसलिए लोगों को निकाय दफ्तर खोजने में परेशानी होती है।
यही नहीं कुछ भवन तो काफी पुराने होने के साथ जर्जर भी हो चुके हैं। नगर विकास विभाग चाहता है कि निकाय के सभी भवन एक ही प्रकार के हों, जिससे इसकी पहचान आसानी से हो सके।
स्थानीय निकाय निदेशक ने नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर पूछा है कि उनके यहां का निकाय भवन कितना पुराना और कितनी जमीन पर बना हुआ है।
इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि यदि आधुनिक दौर में निकाय भवन बनाए जाएं तो उसका क्या मॉडल होना चाहिए।
निकाय अधिकारियों को इसका विधिवत प्लान मॉडल के साथ स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजना है।
इसके बाद उच्चाधिकारियों की बैठक में सभी जिलों से आए मॉडल में एक को फाइनल करते हुए उसके आधार पर ही निकाय भवनों का स्वरूप बदला जाएगा।