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UP News: मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी पर एनएचआरसी सख्त, मुख्य सचिव और डीजीपी को थमाया नोटिस
Thu, 02 Jul 2026 06:51 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 06:51 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर में मजदूरों को बंधक बनाकर शोषण करने की घटना का एनएचआरसी ने संज्ञान लिया है। बंधुआ मजदूरी पर एनएचआरसी काफी सख्त है। मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस देकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरों के शोषण के मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस थमाया है। आयोग ने एक पेपर प्लेट फैक्टरी में 12 मजदूरों के साथ मारपीट और उन्हें करीब डेढ़ साल तक बंधुआ बनाकर काम कराने की जानकारी मिलने पर इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा मानते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मजदूरों को बिना पर्याप्त भोजन और मजदूरी के आधी रात तक काम करने के लिए मजबूर किया गया। एक मजदूर फैक्टरी से भागने में सफल रहा और उसने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अन्य मजदूरों को बचाया जा सका। उनकी चिकित्सीय जांच में खरोंच, कटने के निशान और हड्डी टूटने जैसी कई चोटें पाई गईं।
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इसके अलावा बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अनुसार भी जांच होगी। आयोग ने 8 दिसंबर 2021 की अपनी सलाह 2.0 के अनुसार मजदूरों का ई-श्रम पोर्टल पर तुरंत पंजीकरण करने का भी निर्देश दिया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि पीड़ित मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और नेपाल से थे।
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आयोग द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मजदूरों को बिना पर्याप्त भोजन और मजदूरी के आधी रात तक काम करने के लिए मजबूर किया गया। एक मजदूर फैक्टरी से भागने में सफल रहा और उसने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अन्य मजदूरों को बचाया जा सका। उनकी चिकित्सीय जांच में खरोंच, कटने के निशान और हड्डी टूटने जैसी कई चोटें पाई गईं।
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एसओपी के तहत जांच करने को कहा
लंबे समय तक शारीरिक शोषण के संकेत भी मिले हैं। पुलिस को एक व्यक्ति की मौत का भी पता चला है। अन्य मजदूरों की मौत होने का पता लगाने की जांच चल रही है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर के डीएम को भी श्रम और रोजगार मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जांच करने को कहा है।
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इसके अलावा बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अनुसार भी जांच होगी। आयोग ने 8 दिसंबर 2021 की अपनी सलाह 2.0 के अनुसार मजदूरों का ई-श्रम पोर्टल पर तुरंत पंजीकरण करने का भी निर्देश दिया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि पीड़ित मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और नेपाल से थे।