टीईटी पास बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर
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राज्य सरकार की ओर से जूनियर टीईटी पास बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए अभी तक नौकरी का कोई विकल्प नहीं दिया गया है।
तीन वर्ष पूर्व प्रदेश भर में 2.50 लाख बीएड बेरोजगार जूनियर स्तर के लिए टीईटी पास करके बैठे हैं। इसमें 29 हजार टीईटी पास विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की ही भर्ती हो सकी है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके बारे में नीति स्पष्ट करने की मांग भी है। सरकार के असमंजस से टीईटी पास अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय बना है।
अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षकों को प्रमोशन देकर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती दी जाती रही है। प्राथमिक विद्यालयों में सरकार की ओर से बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीएड बेरोजगारों की नियुक्ति करने का नियम है।
बदली व्यवस्था के तहत अब सरकार से एनसीटीई की सिफारिश पर टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। टीईटी अनिवार्य किए जाने के बाद सरकार ने प्राथमिक और जूनियर टीईटी परीक्षा का विकल्प दिया था।
इसमें प्राथमिक विद्यालयों में चयन के लिए तो सरकार की ओर से प्राथमिक टीईटी पास बेरोजगारों को भर्ती का विकल्प देने की बात की जा रही है, जबकि जूनियर टीईटी के लिए कोई सूचना जारी नहीं हुई है।
जूनियर टीईटी पास बेरोजगारों की नियुक्ति के लिए सरकार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की चयन नियमावली में परिवर्तन करना होगा।
शून्य नहीं होगा बीएड का अगला शैक्षिक सत्र
बीएड 2015-16 का शैक्षिक सत्र शून्य नहीं होगा। इसके संकेत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दे दिए हैं। एनसीटीई के एक अफसर ने कहा है कि बीएड की एडमिशन प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी। इससे संबंधित सर्कुलर 29 नवंबर तक जारी किया जा सकता है। बीटीसी की पढ़ाई खत्म करने का प्रस्ताव भी टल गया है।
एनसीटीई ने बीएड का शैक्षिक सत्र 2015-16 को शून्य करने का ऐलान किया था। साथ ही कहा था कि बीटीसी की पढ़ाई भी खत्म होगी। इसकी जगह बीएलएड का नया कोर्स लांच किया जाएगा। इसका जबरदस्त विरोध हुआ।
इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी और संयोजक डॉ. बृजेश भदौरिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और एनसीटीई के चेयरमैन से मुलाकात भी की थी। इन सभी ने कहा था कि सत्र शून्य हुआ तो बीएड के तमाम कॉलेज बंद हो जाएंगे