स्मार्ट सिटी की दौड़ में सोनिया का रायबरेली छूटा पीछे?
स्मार्ट सिटी की रेस में मेरठ आगे निकलता नजर आ रहा है। मुख्य सचिव आलोक रंजन को नगर विकास विभाग ने संशोधित प्रस्ताव भेजा है। मुख्य सचिव अब इसके आधार पर दोनो शहरों का प्रस्ताव केंद्र को भेजेंगे और तेरहवें शहर का चयन करने का अनुरोध करेंगे।
केंद्र सरकार देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहती है। इसमें यूपी के हिस्से में 13 शहर आने हैं। राज्य सरकार ने 14 शहरों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था।
इसमें समान अंक होने पर रायबरेली को ए व मेरठ को बी करते हुए प्रस्ताव गया। केंद्र ने 12 शहरों का नाम तो फाइनल कर दिया, लेकिन कहा कि राज्य सरकार स्वयं 13वें शहर का चयन कर प्रस्ताव भेजे।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 21 सितंबर को बैठक हुई। इसमें भी एक शहर के नाम पर मुहर नहीं लगी। तय किया गया कि दोनो शहरों का नाम केंद्र को फिर भेजेंगे। 13वें शहर का चयन केंद्र करे या चयन का आधार बताए।
बताया जाता है कि इसके आधार पर जो प्रस्ताव तैयार हुआ है, उसमें क्रम संख्या में संशोधन हुआ है। पहले रायबरेली को ए व मेरठ को बी करते हुए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन संशोधित प्रस्ताव में ए व बी नहीं लिखा है। इसमें मेरठ तथा रायबरेली लिखा गया है।
मुख्यमंत्री ने भी दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को मेरठ के व्यापारी नेताओं को आश्वस्त किया कि मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी के बिना मेरठ में मेट्रो अधूरी रहेगी।
स्मार्ट सिटी में शामिल करने की मांग को लेकर संयुक्त व्यापार संघ ने 15 सितंबर को मेरठ बंद किया था। 21 को विधानसभा के घेराव की घोषणा की थी। राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने 20 सितंबर को व्यापार संघ के अध्यक्ष से बात कर 23 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वार्ता का आश्वासन दिया।
बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता की अगुवाई में मेरठ के व्यापारियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मिला।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कैबिनेट मीटिंग से पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट कर मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए केंद्र से संस्तुति करने का आग्रह किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा। बकौल वाजपेयी सीएम ने उनके तर्कों से सहमति जताई। डॉ. वाजपेयी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मेरठ शहर को विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि की मांग को स्वीकृति दे दी।