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सैनिक स्कूल में छात्र की मौत मामले में नया मोड़: ओम को नहीं आती थी तैराकी, पांच घंटे तक पूल में ही पड़ा रहा शव
Tue, 12 Sep 2023 02:40 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 12 Sep 2023 02:40 PM IST
सार
लखनऊ के सैनिक स्कूल में छात्र की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्र को तैराकी नहीं आती थी। उसे कोई देखने वाला नहीं था। जिम्मेदारों की लापरवाही से छात्र की मौत हुई। सैनिक स्कूल में बीते शुक्रवार को 11वीं के छात्र का शव स्विमिंग पूल में पड़ा मिला था। शुरुआती जांच में बेहद अहम तथ्य सामने आए हैं। मंडलायुक्त ने स्कूल के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया है।
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छात्र ओम बुधोलिया।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लखनऊ के कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल में स्विमिंग पूल में डूबकर 11वीं के छात्र ओम बुधोलिया की मौत के मामले में मंडलायुक्त की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्र को तैरना नहीं आता था। जब वह पूल में पहुंचा तो संबंधित जिम्मेदार वहां थे ही नहीं जो उसको देखते और निगरानी करते। इन जिम्मेदारों की लापरवाही से छात्र की जान गई।
उरई निवासी मनोज का बेटा ओम सैनिक स्कूल से 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार को स्कूल परिसर में स्विमिंग पूल में डूबकर ओम की मौत हो गई थी। परिवार वालों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं मंडलायुक्त रोशन जैकब ने घटना को गंभीरता से लेकर स्कूल गई थीं।
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सोमवार को उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य को एक नोटिस जारी किया। इसके जरिये शुरुआती जांच में आए कई अहम तथ्यों का खुलासा किया। दरअसल जब ओम स्विमिंग पूल में गया था तब कोच, लाइफ गार्ड आदि मौजूद ही नहीं थे। चूंकि ओम को तैराकी नहीं आती थी, लिहाजा वह शिकार हो गया।
इसलिए मंडलायुक्त ने नोटिस जारी कर प्रधानाचार्य कर्नल राजेश राघव से पूछा कि छात्र की मौत लापरवाही से हुई है, क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए प्रधानाचार्य को सात दिन का वक्त दिया है।
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उरई निवासी मनोज का बेटा ओम सैनिक स्कूल से 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार को स्कूल परिसर में स्विमिंग पूल में डूबकर ओम की मौत हो गई थी। परिवार वालों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं मंडलायुक्त रोशन जैकब ने घटना को गंभीरता से लेकर स्कूल गई थीं।
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सोमवार को उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य को एक नोटिस जारी किया। इसके जरिये शुरुआती जांच में आए कई अहम तथ्यों का खुलासा किया। दरअसल जब ओम स्विमिंग पूल में गया था तब कोच, लाइफ गार्ड आदि मौजूद ही नहीं थे। चूंकि ओम को तैराकी नहीं आती थी, लिहाजा वह शिकार हो गया।
इसलिए मंडलायुक्त ने नोटिस जारी कर प्रधानाचार्य कर्नल राजेश राघव से पूछा कि छात्र की मौत लापरवाही से हुई है, क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए प्रधानाचार्य को सात दिन का वक्त दिया है।
बड़ा खुलासा...पांच घंटे तक पूल में ही पड़ा रहा था छात्र
जारी किए गए नोटिस से एक बड़ा खुलासा हुआ है। जब भी स्वीमिंग पूल में छात्र अभ्यास के लिए जाते हैं तो कोच, लाइफ गार्ड आदि की जिम्मेदारी होती है कि उनकी मौजूदगी रहेगी। जाते वक्त और आने के बाद छात्रों की गिनती की जाएगी। हैरानी की बात ये है कि अभ्यास करने के लिए 18-20 छात्र वापस आ गए थे। ओम नहीं था लेकिन छात्रों की गणना न होने से किसी को कुछ पता ही नहीं चला। करीब पांच घंटे तक ओम पूल में पड़ा रहा था।
पुलिस ने जुटाए सारे साक्ष्य, तहरीर का इंतजार
पुलिस की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। सीसीटीवी फुटेज जुटाए। दस मिनट के सीसीटीवी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने लाइट चले जाने का हवाला दिया। अन्य सभी तथ्य पुलिस ने जुटा लिए हैं। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
पुलिस की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। सीसीटीवी फुटेज जुटाए। दस मिनट के सीसीटीवी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने लाइट चले जाने का हवाला दिया। अन्य सभी तथ्य पुलिस ने जुटा लिए हैं। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
मौत के बाद जागे जिम्मेदार...कंपनी ब्लैक लिस्ट की, चार कर्मचारी बर्खास्त
सैनिक स्कूल के स्विमिंग पूल में 11वीं के छात्र ओम की डूबकर हुई मौत के मामले में आखिरकार जिम्मेदार जाग गए। स्कूल प्रशासन ने सोमवार स्विमिंग प्रशिक्षण देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। निजी कंपनी के चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया और स्कूल के हाउस मैट्रन को निलंबित कर दिया।
सैनिक स्कूल के स्विमिंग पूल में 11वीं के छात्र ओम की डूबकर हुई मौत के मामले में आखिरकार जिम्मेदार जाग गए। स्कूल प्रशासन ने सोमवार स्विमिंग प्रशिक्षण देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। निजी कंपनी के चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया और स्कूल के हाउस मैट्रन को निलंबित कर दिया।
कार्रवाई के बारे में प्रधानाचार्य ने मंडलायुक्त समेत विभागीय अफसरों व शासन को जानकारी दी है। मंडलायुक्त ने सोमवार को नोटिस जारी कर स्कूल के प्रधानाचार्य से पूछा था कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई? जिसके बाद आनन-फानन में स्कूल प्रशासन ने जिस कंपनी स्टैंडर्ड मल्टीटेक स्विमिंग पूल वाटर ट्रीटमेंट से स्विमिंग प्रशिक्षण का करार हुआ था उसको ब्लैक लिस्ट कर दिया।
सेवा प्रदाता कंपनी के चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इसमें स्वीमिंग कोच सत्या चौहान, लाइफ गार्ड हिमांशु शर्मा, गेट कीपर अमरदीप और बलराम पांडेय शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल के हाउस मैट्रन राजीव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के पीछे हवाला दिया गया कि जांच प्रभावित न हो इसलिए उन पर निलंबन की कार्रवाई गई है।
सबसे बड़ा सवाल...आखिर पहले क्यों नहीं बरती सतर्कता
जब मंडलायुक्त से लेकर अन्य अफसरों ने सख्त रुख अपनाया। तब स्कूल प्रशासन ने निजी कंपनी और उसके कर्मचारियों पर कार्रवाई की। स्कूल के सिर्फ एक कर्मचारी पर कार्रवाई की गई। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पहले सतर्कता क्यों नहीं बरती गई? जब छात्र की जान चली गई तब ये स्कूल प्रशासन जाग गया।
जब मंडलायुक्त से लेकर अन्य अफसरों ने सख्त रुख अपनाया। तब स्कूल प्रशासन ने निजी कंपनी और उसके कर्मचारियों पर कार्रवाई की। स्कूल के सिर्फ एक कर्मचारी पर कार्रवाई की गई। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पहले सतर्कता क्यों नहीं बरती गई? जब छात्र की जान चली गई तब ये स्कूल प्रशासन जाग गया।
परिजन लगातार बस यही आरोप लगा रहे कि ओम की मौत की स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। उनका कहना है कि छात्र की देखरेख आदि की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की थी। निजी कंपनी के लोगों ने क्या किया क्या नहीं इससे क्या फर्क पड़ता है।