वित्तविहीन शिक्षकों के लिए बनेगी नियमावली
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प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के लिए अलग से सेवा नियमावली बनाने जा रही है। यह सेवा नियमावली बिहार की तर्ज पर बनाई जाएगी।
इसके लिए प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बिहार के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर सेवा नियमावली की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने का वादा किया था। प्रदेश में वित्तविहीन स्कूलों की संख्या काफी अधिक है। इनमें करीब दो लाख शिक्षक पढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे शिक्षक संघों से वार्ता के दौरान वित्तविहीन शिक्षकों के लिए अलग से नीति बनाने का आश्वासन दिया था। इसके आधार पर यह कवायद शुरू हुई है।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिहार में अनुदानित विद्यालयों की तर्ज पर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सेवा में लिए जाने के लिए नीति तैयार की गई है।
वहां के प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आरके महाजन को पत्र लिखकर नीति की प्रति मांगी गई है।
उसका अध्ययन करने के बाद प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप नीति बनाने पर विचार किया जाएगा।