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इसे कहते हैं, करे कोई और भरे कोई
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 05 Sep 2013 12:50 PM IST
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दंड नियमावली में संशोधन के बाद अब अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारी भी लघु दंड के दायरे में ले आए गए हैं।
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इस नए नियम के तहत आदेशों का उल्लंघन किए जाने से अगर 10 हजार रुपये से अधिक की राजकीय क्षति होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी को जुर्माना भरना होगा। यह दंड सिपाही स्तर तक लग सकता है।
नियमावली में संशोधन को मंगलवार को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी थी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली, 1991 में दूसरे संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद आदेशों की उपेक्षा या उल्लंघन करने पर हुई विभागीय हानि का जुर्माना पूर्ण या आंशिकरूप में संबंधित पुलिसकर्मी से वसूल किया जाएगा।
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यह राशि पुलिसकर्मी की पगार से काटी जा सकेगी। अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी व दायित्वों के प्रति जवाबदेह बनाए रखने के लिए सरकार नियमावली में संशोधन लेकर आई है।
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माना जा रहा है कि नई नियमावली के प्रभावी होने के साथ ही अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की सेवा का स्तर पहले से बेहतर होगा और अनुशासन भी सुधरेगा।