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Scam In UP: एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती घोटाले में नया खुलासा, एक पद पर छह-छह लोगों ने ली नौकरी; 9 साल से मची लूट

Sun, 07 Sep 2025 10:08 AM IST
भूपेन्द्र सिंह चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 07 Sep 2025 10:08 AM IST
सार

यूपी में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में घोटाले मामले में नया खुलासा हुआ है। अंकुर के नाम पर दो... तो अंकित के नाम से छह लोगों ने नौकरी ली। वेतन भी हजम कर गए। वर्ष 2016 में हुई भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है।

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New revelation in X-ray technician recruitment scam in UP six people took job on one post
एक्सरे टेक्नीशियन के पदों की भर्ती में फर्जीवाड़ा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन के पदों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े में नया खुलासा हुआ है। अर्पित के नाम पर छह लोगों के नौकरी का मामला सामने आने के बाद अब अंकुर के नाम पर दो और अंकित के नाम पर छह लोगों को नियुक्ति पत्र जारी होने का खुलासा हुआ है।

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एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती 2016 में 403 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। अर्पित के नाम पर छह एक्सरे टेक्नीशियन ने नियुक्ति पत्र हासिल कर कार्यभार ग्रहण कर लिया। इनमें पांच लगातार वेतन ले रहे हैं। नए मामले में आयोग की ओर से स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई सूची में क्रमांक संख्या 166 पर अंकुर पुत्र नीतू मिश्रा का नाम है। 

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मैनपुरी निवासी अंकुर की जन्मतिथि पांच दिसंबर 1994 है। इन्हें एक जून 2016 को मैनपुरी सीएमओ के अधीन तैनात किया गया। इन दिनों वह डीटीओ मैनपुरी में कार्यरत है। इसी तरह अंकुर पुत्र नीतू मिश्रा नामक दूसरे एक्सरे टेक्नीशियन को 12 जून 2016 को तैनाती दी गई। वह मुजफ्फरपुर के साहपुर सीएचसी में कार्यरत हैं। इनकी जन्मतिथि 15 नवंबर 1994 दर्ज है। मानव संपदा पोर्टल पर दोनों का मूल पता मैनपुरी दर्ज है।

अंकित के नाम नौकरी कर रहे दो लापता, एक बर्खाश्त

आयोग की सूची में 127 नंबर पर हरदोई निवासी अंकित सिंह पुत्र राम सिंह का नाम है। जन्मतिथि 15 जुलाई 1991 है। इन्हें एक जून 2016 को हरदोई के मल्लावां में तैनाती दी गई। इसी तरह अंकित सिंह पुत्र राम सिंह नाम से पांच अन्य लोगों ने भी नौकरी हासिल की। कार्यभार ग्रहण करने के बाद मानव संपदा पोर्टल पर इनके नाम दर्ज हैं। 
 

यहां तैनात एक्सरे टेक्नीशियन खुद ही गायब हो गए

इनमें से एक लखीमपुर के निघांसन और दूसरे गोंडा के काजीदेवर में तैनात हैं। इन सभी का जन्म वर्ष 1991 है। जन्मतिथि में बदलाव है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बदायूं के दातागंज में तैनाती पाने वाले को कुछ दिन बाद बर्खास्त कर दिया गया था। आजमगढ़ के पंवई और ललितपुर में तैनात होने वाले एक्सरे टेक्नीशियन खुद ही गायब हो गए हैं।

...तो क्या आधार भी फर्जी

पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक बद्री विशाल का तर्क है कि पूरे मामले में हर स्तर पर चूक होने की संभावना है। नियुक्ति पत्र की क्लोनिंग की संभावना है। कार्यभार ग्रहण के बाद योगदान प्रमाण पत्र और बैंक खाते का सत्यापन होता है। इसमें लापरवाही हुई है। आशंका है कि इनका आधार भी फर्जी होगा।
 
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फर्जी मिलने वालों के पद होंगे समायोजित

विभागीय जानकारों का कहना है कि फर्जी मिलने वालों के पदों को रिक्त घोषित किया जाएगा। जब नई नियुक्ति होगी तो संबंधित पद समायोजित किए जा सकते हैं। इन फर्जी एक्सरे टेक्नीशियन ने करीब नौ साल वेतन लिया है। अब विभाग के सामने वेतन रिकवरी की चुनौती है।

जांच शुरू होते ही फरार हुए चार अर्पित

एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती मामले की जांच शुरू हो गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर संबंधित जिलों में टीम बनाकर पत्रावलियां जुटाई गई हैं। मुख्य चिकित्साधिकारियों को रविवार को महानिदेशालय बुलाया गया है। इस बीच हाथरस को छोड़कर अन्य जिलों के अर्पित नाम के एक्सरे टेक्नीशियन फरार हो गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर टीम गठित कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की है। 
 

फर्रुखाबाद के सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया आगरा का पता देकर अर्पित नाम से नौकरी करने वाले एक्सरे टेक्नीशियन एटा के अगौना गांव का निवासी निकला है। वह शुक्रवार से अस्पताल नहीं आया और उसका मोबाइल भी बंद है। तीन सदस्यीय टीम उसके गांव पहुंची तो पता चला कि अर्पित सिंह का असली नाम अजीत पुत्र रामलड़ते है लेकिन वह घर पर नहीं मिला। 

मकान में ताला बंद मिला 

बलरामपुर के पचपेड़वा सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन अर्पित शुक्रवार सुबह अस्पताल आया था, लेकिन कुछ देर बाद अचानक गायब हो गया। उसका मोबाइल बंद है। बदायूं के बिसौली सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि अर्पित शुक्रवार से गायब है। जिस मकान में रहता था, उसमें भी ताला बंद है। 

 

इसी तरह रामपुर के बिलासपुर सीएचसी में कार्यरत अर्पित फरार है जबकि बांदा के नरैनी में तैनात अर्पित पर 2017 में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। हाथरस सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि सीएचसी पर तैनात अर्पित सिंह के सभी दस्तावेज शासन को भेज दिए गए हैं।

महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रतनपाल सुमन ने बताया कि  एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती मामले की जांच चल रही है। चयनित और कार्यभार ग्रहण करने वालों का नए सिरे से सत्यापन हो रहा है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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