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...ऐसा हुआ तो 10 फीसदी महंगी होगी बिजली
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Fri, 20 Dec 2013 01:38 AM IST
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प्रदेश के उपभोक्ताओं को साल भर के भीतर दूसरी बार बिजली का करंट लगने जा रहा है। पावर कार्पोरेशन ने सभी श्रेणियों की बिजली दरों में 10 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है।
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इससे शहरी क्षेत्र में गरीब से लेकर अमीर उपभोक्ताओं तक पर बोझ बढ़ना लगभग तय है। हालांकि लोकसभा चुनाव को देखते हुए ग्रामीण और कृषि की बिजली दरों को इससे मुक्त रखा गया है।
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पावर कार्पोरेशन ने बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। प्रस्ताव में घरेलू बिजली दर में करीब 15 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव है।
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वहीं विभागीय कर्मचारियों से लेकर अन्य श्रेणियों में भी पांच से 30 फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
सूत्रों के अनुसार सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद पावर कार्पोरेशन ने बुधवार देर शाम गुपचुप ढंग से नियामक आयोग को सीलबंद लिफाफे में वर्ष 2014-15 के टैरिफ प्रस्ताव सौंप दिए।
वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव 29 नवंबर को दाखिल किया गया था। नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा के छुट्टी पर होने की वजह से अभी आयोग ने टैरिफ प्रस्ताव पर कोई कार्यवाही शुरू नहीं की है।
शहरी गरीबों को रियायती दर पर बिजली
शहरी क्षेत्रों के गरीबी रेखा से नीचे वाले उपभोक्ताओं की उस श्रेणी में जिसमें 150 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर अधिकतम 2.60 रुपये प्रति यूनिट की दर प्रभावी है, को नए प्रस्ताव में रियायती दर पर अधिकतम 50 यूनिट बिजली ही मिलेगी।
इससे ज्यादा बिजली के इस्तेमाल पर उन्हें सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तय दरों पर बिल का भुगतान करना होगा।
कार्पोरेशन ने राष्ट्रीय टैरिफ पॉलिसी का हवाला देते हुए इन उपभोक्ताओं को 50 यूनिट तक सीमित करने का प्रस्ताव किया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पॉलिसी मेें 30 यूनिट तक का ही प्रावधान है।
ज्यादा बिजली, ज्यादा भुगतान
नए टैरिफ में ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
हर महीने 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वालों से 5 रुपये की जगह 5.50 रुपये प्रति यूनिट करने का लिए जाने का प्रस्ताव है।
इसी तरह न्यूनतम दर 200 यूनिट से घटाकर 150 यूनिट, 201 से 500 यूनिट तक के दूसरे स्लैब में भी 50 यूनिट की कमी करने का प्रस्ताव है।
यानी अब 150, 350 और 500 यूनिट की खपत पर अलग-अलग दरें होंगी। वाणिज्यिक श्रेणी के लिए भी यही फार्मूला प्रस्तावित है।
इस श्रेणी में 300 यूनिट से ज्यादा उपभोग पर 6.50 की जगह 7 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
एक अप्रैल 2014 से लागू हो सकती हैं नई दरें
नई बिजली दरें 1 अप्रैल 2014 से लागू हो सकती हैं। पावर कार्पोरेशन ने पहली बार आयोग को वक्त पर एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव सौंपा है।
विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार प्रस्ताव दाखिल होने के बाद आयोग को 120 दिन के भीतर सारी औपचारिकताएं पूरी करके नया टैरिफ आर्डर जारी कर देना चाहिए।
इस बार केंद्र सरकार की वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) की शर्तों में भी 1 अप्रैल से नई दरों को लागू किया जाना शामिल है। इसलिए पूरी संभावना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक आयोग टैरिफ आर्डर जारी कर देगा और 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।
औद्योगिक बिजली में 40 पैसे तक की वृद्धि का प्रस्ताव
औद्योगिक श्रेणी की दरों में इस बार लगभग सात फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव है। यानी 30 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
टॉइम ऑफ द डे (टीओडी) के तहत पीक आवर्स में सरचार्ज लगाने तथा गैरपीक आवर्स में छूट देने के प्रावधान में बदलाव का भी प्रस्ताव है।
जाड़े तथा गरमी के लिए अलग-अलग पीक आवर्स और गैर पीक आवर्स का निर्धारण करते हुए सरचार्ज या छूट का प्रावधान करने का प्रस्ताव आयोग को भेजा गया है।
विभागीय कर्मचारियों, जल संस्थान, राजकीय नलकू पों, मार्ग प्रकाश, रेलवे, सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों, अस्थायी कनेक्शन जैसी श्रेणियों में भी पांच से लेकर 30 फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।