फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   New power projects of Uttar Pradesh rely on China

उत्तर प्रदेश की नई बिजली योजनाएं चीन के भरोसे, आसान नहीं है आत्मनिर्भरता की राह

Thu, 25 Jun 2020 01:23 PM IST
दुष्यंत शर्मा अनिल श्रीवास्तव, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 25 Jun 2020 01:23 PM IST
सार

  • जवाहरपुर, ओबरा ‘सी’ और हरदुआगंज की नई इकाइयों में लग रहे चीन के उपकरण
  • पुरानी इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र लगाने की बिडिंग में भी चीनी कंपनियों का दबदबा

विज्ञापन
New power projects of Uttar Pradesh rely on China
बिजली परियोजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन से टकराव के चलते आत्मनिर्भर भारत की बात कही जा रही है लेकिन प्रदेश से चीन का पिंड छूटता नहीं दिखाई दे रहा है। प्रदेश की नई बिजली परियोजनाएं चीन के भरोसे ही चलेंगी। जिन निजी बिजलीघरों से प्रदेश को बिजली मिल रही है उनमें भी चीन के  उपकरण लगाए गए हैं। 

विज्ञापन


केंद्र के निर्देशानुसार प्रदेश के पुराने बिजलीघरों में स्थापित कराए जाने वाले प्रदूषण नियंत्रण संयंत्रों के ठेकों में भी चीनी कंपनियों का दबदबा है। स्मार्ट मीटर समेत चीन से आने वाले अन्य छोटे उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक के बावजूद प्रदेश में बिजली के मामले में फिलहाल चीन पर निर्भरता बनी ही रहेगी।
विज्ञापन


प्रदेश में इस समय 3960 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पनकी में 660 मेगावाट की इकाई का जिम्मा भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) को सौंपा गया है। 1320-1320 मेगावाट की जवाहरपुर व ओबरा ‘सी’ परियोजना कोरिया की कंपनी दुसान व हरदुआगंज में 660 मेगावाट इकाई का काम जापानी कं पनी तोशीबा को मिला है। जवाहरपुर व ओबरा ‘सी’ परियोजना की लागत लगभग 10,500-10,500 करोड़ है जबकि हरदुआगंज की इकाई पर 5600 करोड़ खर्च आने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार जवाहरपुर, ओबरा ‘सी’ व हरदुआगंज की इकाइयों में चीन से मंगाए गए उपकरण लगाए जा रहे हैं। इससे भविष्य में भी इनकी चीन पर निर्भरता बनी रहेगी। इकाइयों में लगाए जाने वाले इंडक्टेड ड्राफ्ट फैन, फोर्सड् ड्राफ्ट फैन, प्राइमरी एयर फैन व बॉयलर टूयूब जैसे बड़े उपकरण चीन निर्मित हैं। वहीं, बीएचईएल पनकी की इकाई में खुद के बनाए गए स्वदेसी उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है।

2000 मेगावाट से ज्यादा की पुरानी इकाइयों का दारोमदार भी चीन पर

New power projects of Uttar Pradesh rely on China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्रदेश में आने वाले समय में नई ही नहीं 2000 मेगावाट से ज्यादा क्षमता की पुरानी इकाइयों का भी दारोमदार भी चीन पर हो सकता है। पर्यावरण के नए मापदंडों के अनुसार 25 साल से अधिक पुराने ताप बिजली घरों में प्रदूषण नियंत्रण के  लिए फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन प्रणाली (एफ जीडीएस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस साल के बजट में इसका एलान कि या था। प्रदेश के अनपरा ए  बिजली घर की 210-210 मेगावाट क्षमता की तीन, अनपरा बी की 500-500 मेगावाट की दो, ओबरा की 200-200 मेगावाट की पांच इकाइयां, पारीछा की 110-110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो व 250 मेगावाट की दो, तथा हरदुआगंज की 110 मेगावाट की एक व 250 मेगावाट की दो इकाई में एफजीडीएस की स्थापना के लिए 300 करोड़ रुपये के टेंडर हुए हैं। सूत्रों के  अनुसार ग्लोबल टेंडर के कारण इसमें भी चीन की कंपनियां एल-1 आई हैं। यानी एफजीडीएस लगाने में भी चीनी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है।
 

बीएचईएल को बिना टेंडर के दें इकाइयां लगाने का काम : शैलेंद्र दुबे

New power projects of Uttar Pradesh rely on China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के  चेयरमैन शैलेंद्र दुबे का कहना है कि चीन से टकराव के चलते आत्मनिर्भर भारत की बात कही जा रही है। इसके लिए पावर सेक्टर में बीएचईएल को सशक्त बनाना होगा। बीएचईएल सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी है इसलिए इसे पावर सेक्टर के काम बिना टेंडर के दिए जा सकते हैं। चीन को ग्लोबल टेंडर का फायदा मिलता है। इससे टेंडर में लगने वाला समय भी बचेगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना भी साकार होगा।

भविष्य में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं : श्रीकांत शर्मा

New power projects of Uttar Pradesh rely on China
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : amar ujala
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का कहना है कि हमने तय किया कि भविष्य में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। प्रयास किया जाएगा कि जो भी उपकरण लगाए जाएं वे पूर्ण रूप से भारतीय हों या चीन निर्मित या आयातित न हों।

 

निजी बिजलीघरों में चीन की मशीनें

New power projects of Uttar Pradesh rely on China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सूत्रों के अनुसार निजी क्षेत्र की 1200 मेगावाट क्षमता की अनपरा सी व 1200 मेगावाट की रोजा परियोजना में छोटे से लेकर बड़े तक सारे उपकरण चीन के ही लगाए गए हैं। ये प्लांट चीन की शंघाई इलेक्ट्रिक कंपनी ने तैयार किए हैं। इन बिजली घरों की पूरी बिजली यूपी को ही मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed