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Lucknow News: सीजन में भी भाव खा रहा नया आलू
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लखनऊ। सीजन में भी नए आलू के भाव चढ़े हुए हैं। 20-25 रुपये प्रति किलो पर दाम टिके हैं। स्थानीय उत्पादन से तीन गुना ज्यादा आलू पंजाब से आ रहा है। फिर भी मांग इतनी तेज है कि मंडी में रोजाना आलू की कमी है।
नए आलू का सीजन शुरू होने के बावजूद बाजार में इसकी कीमतों में खास गिरावट नहीं आई है। मंडी सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि पंजाब से रोजाना करीब 60 टन नया आलू मंडी में पहुंच रहा है। स्थानीय उत्पादन से 20 टन ही आलू आ पा रहा है। अब भी मंडी की कुल मांग के मुकाबले करीब 400 क्विंटल आलू कम पहुंच रहा है, जिससे कीमतें स्थिर हैं।
फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन लखनऊ मंडी के अध्यक्ष रिंकू सोनकर का कहना है कि 10 दिन में स्थानीय उत्पादन बढ़ते ही भाव में थोड़ी नरमी आएगी। डंडइया बाजार के नवीन कुमार का कहना है कि ग्राहक नए आलू की ज्यादा मांग कर रहे हैं। माल मंडी से लाया जाने वाला पूरा माल दिनभर में बिक जाता है। 20-25 रुपये किलो के भाव पर भी लोग नया आलू खरीद रहे हैं, क्योंकि यह स्वाद में अच्छा होता है।
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इंदिरानगर के सब्जी विक्रेता अख्तर हुसैन का कहना है कि पंजाब वाला आलू ज्यादा आ रहा है, लेकिन स्थानीय आलू की पहचान अलग है। सप्लाई कम होने से रोज जितना चाहिए उतना माल नहीं मिल पा रहा है।
पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती आलू की खेती
जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक जिले में करीब 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती होती है। इससे हर वर्ष करीब 14 लाख क्विंटल उत्पादन होता है। इस बार शुरुआती सीजन में मांग ज्यादा और आपूर्ति थोड़ी कमजोर होने से खुदरा और थोक दोनों बाजारों में नए आलू की रौनक बनी हुई है।
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नए आलू का सीजन शुरू होने के बावजूद बाजार में इसकी कीमतों में खास गिरावट नहीं आई है। मंडी सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि पंजाब से रोजाना करीब 60 टन नया आलू मंडी में पहुंच रहा है। स्थानीय उत्पादन से 20 टन ही आलू आ पा रहा है। अब भी मंडी की कुल मांग के मुकाबले करीब 400 क्विंटल आलू कम पहुंच रहा है, जिससे कीमतें स्थिर हैं।
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फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन लखनऊ मंडी के अध्यक्ष रिंकू सोनकर का कहना है कि 10 दिन में स्थानीय उत्पादन बढ़ते ही भाव में थोड़ी नरमी आएगी। डंडइया बाजार के नवीन कुमार का कहना है कि ग्राहक नए आलू की ज्यादा मांग कर रहे हैं। माल मंडी से लाया जाने वाला पूरा माल दिनभर में बिक जाता है। 20-25 रुपये किलो के भाव पर भी लोग नया आलू खरीद रहे हैं, क्योंकि यह स्वाद में अच्छा होता है।
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इंदिरानगर के सब्जी विक्रेता अख्तर हुसैन का कहना है कि पंजाब वाला आलू ज्यादा आ रहा है, लेकिन स्थानीय आलू की पहचान अलग है। सप्लाई कम होने से रोज जितना चाहिए उतना माल नहीं मिल पा रहा है।
पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती आलू की खेती
जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक जिले में करीब 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती होती है। इससे हर वर्ष करीब 14 लाख क्विंटल उत्पादन होता है। इस बार शुरुआती सीजन में मांग ज्यादा और आपूर्ति थोड़ी कमजोर होने से खुदरा और थोक दोनों बाजारों में नए आलू की रौनक बनी हुई है।