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हर्ष फायरिंग पर लगेगी रोक : नए कारतूस खरीदने के लिए जमा करने होंगे 80 फीसदी खोखे
Fri, 15 Mar 2019 03:09 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 15 Mar 2019 03:09 PM IST
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प्रदेश के शस्त्र लाइसेंसधारियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऐसा हर्ष फायरिंग के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके लिए डीजीपी ने मातहत अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि आयुध नियमावली के तहत कोई व्यक्ति एक वर्ष में प्रति शस्त्र अधिकतम 200 कारतूस खरीद सकेगा और एक समय में प्रति शस्त्र अधिकतम 100 कारतूस कब्जे में रख सकेगा। खरीदे गए कारतूसों का दुरुपयोग न हो इसके लिए खरीदे जाने वाले कारतूसों की संख्या के सापेक्ष कम से कम 80 प्रतिशत खोखों को जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह बाध्यता खिलाड़ियों के विभिन्न वर्गों पर लागू नहीं होगी।
एसडीएम व सीओ हर महीने औचक निरीक्षण कर जमा कराए जाने वालों खोखों का सत्यापन करेंगे। यह भी बाध्यता लागू की गई है कि शस्त्र या कारतूस के खरीदार को अपनी पहचान का सबूत देना अनिवार्य होगा। हर्ष फायरिंग करने या किसी अन्य प्रकार से लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होने पर लाइसेंसी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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निर्देशों में कहा गया है कि आयुध नियमावली के तहत कोई व्यक्ति एक वर्ष में प्रति शस्त्र अधिकतम 200 कारतूस खरीद सकेगा और एक समय में प्रति शस्त्र अधिकतम 100 कारतूस कब्जे में रख सकेगा। खरीदे गए कारतूसों का दुरुपयोग न हो इसके लिए खरीदे जाने वाले कारतूसों की संख्या के सापेक्ष कम से कम 80 प्रतिशत खोखों को जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह बाध्यता खिलाड़ियों के विभिन्न वर्गों पर लागू नहीं होगी।
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एसडीएम व सीओ हर महीने औचक निरीक्षण कर जमा कराए जाने वालों खोखों का सत्यापन करेंगे। यह भी बाध्यता लागू की गई है कि शस्त्र या कारतूस के खरीदार को अपनी पहचान का सबूत देना अनिवार्य होगा। हर्ष फायरिंग करने या किसी अन्य प्रकार से लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होने पर लाइसेंसी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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