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भीड़ हिंसा रोकने को कानून बने, राज्य विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में की सिफारिश
Fri, 12 Jul 2019 05:46 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 12 Jul 2019 05:46 PM IST
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Mob Lynching
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राज्य विधि आयोग ने भीड़ हिंसा की घटनाओं पर अंकुश के लिए कानून बनाने की सिफारिश की है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने इसका मसौदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा।
अपनी रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू व कश्मीर व झारखंड राज्यों में हाल में घटित भीड़ तंत्र की हिंसा अब यूपी में भी अपने पैर पसारने लगी है। इसकी रोकथाम जरूरी है। आयोग का कहना है कि भीड़ हिंसा पुलिस की लेट-लतीफी को भी एक कारण है। उन्मादी हिंसा की बढ़ती घटनाओं में पुलिस भी निशाने पर रहती है और मित्र पुलिस को जनता अपना शत्रु समझने लगती है।
इन कारणों से हो रही हिंसा
आयोग के मुताबिक इस प्रकार की घटनाएं न केवल गोवंश की कथित रक्षा को लेकर हो रही हैं, बल्कि चोरी, प्रेम प्रसंग, बच्चों की चोरी, बलात्कार तथा कुछ अंधविश्वास जैसे भूत, प्रेत, चुड़ैल, तंत्र व मंत्र से भी संबंधित हैं।
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अपनी रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू व कश्मीर व झारखंड राज्यों में हाल में घटित भीड़ तंत्र की हिंसा अब यूपी में भी अपने पैर पसारने लगी है। इसकी रोकथाम जरूरी है। आयोग का कहना है कि भीड़ हिंसा पुलिस की लेट-लतीफी को भी एक कारण है। उन्मादी हिंसा की बढ़ती घटनाओं में पुलिस भी निशाने पर रहती है और मित्र पुलिस को जनता अपना शत्रु समझने लगती है।
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इन कारणों से हो रही हिंसा
आयोग के मुताबिक इस प्रकार की घटनाएं न केवल गोवंश की कथित रक्षा को लेकर हो रही हैं, बल्कि चोरी, प्रेम प्रसंग, बच्चों की चोरी, बलात्कार तथा कुछ अंधविश्वास जैसे भूत, प्रेत, चुड़ैल, तंत्र व मंत्र से भी संबंधित हैं।
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