आधार कार्ड: टोपी उतरवाने पर मचा बवाल

टीम डिजिटल/मेरठ Updated Sat, 23 Nov 2013 12:07 AM IST
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मेरठ के फलावदा क्षेत्र में आधार कार्ड के लिए टोपी उतरवाकर फोटो खींचे जाने का मुस्लिम समुदाय ने विरोध कर दिया है।
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वहीं समुदाय में उबाल आ गया है। टोपी और दाढ़ी को ‘हुजूर’ की सुन्नत बताकर मुसलमानों ने फिलहाल आधा कार्ड बनवाना ही बंद कर दिया है।
उनका कहना है कि टोपी उतरवाकर फोटो खींचना मुस्लिमों का अपमान है।
फलावदा कस्बे के जूनियर हाईस्कूल प्रांगण में पिछले एक सप्ताह से आधार कार्ड बनाने का कार्य चल रहा है।

इस कार्य के लिए लगी टीम के सदस्य ही फार्म भरवाने के साथ ही अंगुलियों के निशान और आंखों के फोटो आदि खींच रहे हैं।

कर्मचारी मुस्लिम समुदाय का फोटो टोपी उतरवाकर खींच रहे हैं। लोगों ने इसका विरोध किया तो टीम के सदस्यों ने फोटो खींचने से साफ मना कर दिया।

कसबा निवासी यूनुस मिर्जा, हाफिज रिहान, अनवार उलहक सादा, बशीर सैफी, वहीद, कासिफ आदि लोगों ने बताया कि टीम के सदस्यों ने टोपी उतरवाने के बाद ही फोटो किया।

शुरू में कम ही लोगों के पहुंचे, जिसकी वजह से विरोध भी हल्का-फुल्का ही हुआ। बात भी दबी रही।

इस बीच शुक्रवार को आधार कार्ड बनवाने पहुंचे समुदाय के लोगों ने टोपी उतारकर फोटो खिंचवाने से इनकार कर दिया।

इस दौरान कर्मचारियों ने भी बिना टोपी उतारे फोटो खींचने से मना किया तो मुस्लिमों में गुस्सा उत्पन्न हो गया।

इसके बावजूद कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े रहे। साथ ही कह दिया कि टोपी में फोटो खिंचवाओगे तो आधार कार्ड नहीं बन पाएगा।

इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आधार कार्ड बनवाने से ही मना कर दिया। वहीं प्रकरण को लेकर समुदाय के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि यह मुस्लिमों को अपमान है।   

नहीं दिखा पाए आदेश
मुस्लिमों द्वारा आधार कार्ड बनवाने से मना करने के बाद जब ‘अमर उजाला’ संवाददाता टीम के पास जानकारी लेने पहुंचा तो बताया गया कि उन्हें ऐसा करने का आदेश मिला है।

हालांकि टीम का कोई भी सदस्य आदेश नहीं सका। हालांकि संवाददाता के पहुंचने के बाद टीम ने कुछ लोगों के फोटो जरूर टोपी में खींचे।

उधर, टीम के सुपरवाइजर हसन आजाद ने कहा कि आदेशानुसार ही फोटो खींच रहे हैं। हमें आदेश टोपी उतारकर फोटो खींचने के ही मिले हैं।

यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
शहर काजी मौलाना फारुख ने कहा कि टोपी और दाढ़ी मुस्लिमों पहचान और हुजूर की सुन्नत है।

टोपी उतारने के लिए कहना मुस्लिम समुदाय का अपमान है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों से वार्ता की जाएगी
चेयरपर्सन आयशा खातून ने कहा कि मामला आज ही उनकी जानकारी में आया है। टोपी उतारने के मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

मामले की जांच होगी
एसडीएम मवाना नवनीत सिंह चहल ने कहा कि टोपी उतारकर फोटो खींचने जैसा ऐसा कोई आदेश नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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