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Lucknow News: एडवांस थायराइड कैंसर के इलाज में नई उम्मीद
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लखनऊ। पीजीआई के डॉक्टरों ने एडवांस स्टेज के थायराइड कैंसर के मरीजों के इलाज लिए नई आस जगाई है। शोध में रेडियो आयोडीन थेरेपी के साथ कैंसर रोधी रसायन लेनवाटिनिब का संयुक्त उपयोग प्रभावी रहा। यह शोध उन 15 मरीजों पर केंद्रित था जिनका थायराइड कैंसर फेफड़ों, हड्डियों या शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल चुका था। इनमें 80 फीसदी मरीजों में कैंसर फेफड़ों तक पहुंच चुका था। शोध में शामिल मरीजों को पहले तीन महीने तक लेनवाटिनिब और थायरॉक्सिन सप्रेशन थेरेपी दी गई। इसके बाद लेनवाटिनिब को अस्थायी रूप से रोककर रेडियो आयोडीन थेरेपी दी गई। इलाज से पहले मरीजों में ट्यूमर मार्कर थायरोग्लोबुलीन का औसत स्तर 45,800.8 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर था जो उपचार के बाद 10,672.5 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर रह गया। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा है कि बड़े स्तर पर और शोध की जरूरत होगी।
शोध में शामिल वैज्ञानिक और थायराइड कैंसर
इस शोध में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. आफताब हसन नजर, डॉ. मनीष ओरा, डॉ. अमिताभ आर्य, डॉ. सुकांत बराई, विभागाध्यक्ष प्रशांत कुमार प्रधान और डॉ. संजय गंभीर शामिल थे। बायोस्टैटिसटिक्स एंड हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स विभाग के डॉ. प्रभाकर मिश्रा का भी सहयोग रहा।
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शोध में शामिल वैज्ञानिक और थायराइड कैंसर
इस शोध में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. आफताब हसन नजर, डॉ. मनीष ओरा, डॉ. अमिताभ आर्य, डॉ. सुकांत बराई, विभागाध्यक्ष प्रशांत कुमार प्रधान और डॉ. संजय गंभीर शामिल थे। बायोस्टैटिसटिक्स एंड हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स विभाग के डॉ. प्रभाकर मिश्रा का भी सहयोग रहा।
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