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मच्छरों की भरमार, 50 लाख की नई फॉगिंग मशीनें हो रहीं कबाड़
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प्रवेेंद्र गुप्ता
राजधानी में एक ओर मच्छरों की भरमार से लोगों का जीना मुहाल है, वहीं नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से 50 लाख की फॉगिंग मशीनें कबाड़ हो रही हैं।
शहर के पुराने मोहल्लों की संकरी गलियों में मच्छर भगाने के लिए बीते वर्ष साइकिल पर लगाने वाली 75 मशीनें खरीदी गईं थीं। पर रखरखाव के अभाव में ये मशीनें धूल व गंदगी से कबाड़ हो रही हैं।
मलेरिया और डेंगू की रोकथाम को लेकर नगर निगम फॉगिंग कराता है। इसके लिए उसके पास 29 बड़ी मशीनें हैं। इनसे चौड़ी सड़कों पर तो आसानी से फॉगिंग हो जाती है, लेकिन संकरी गलियों में ये गाड़ियां नहीं जा पाती हैं।
इसके लिए साइकिल पर लगीं छोटी मशीनेें की जरूरत पड़ती है। लालबाग, लालकुआं, चारबाग, नजरबाग, यहियागंज, रकाबगंज, गोलागंज, डालीगंज, बाबूगंज सहित पुराने शहर के कई मोहल्लों में ज्यादातर गलियां संकरी हैं।
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ऐसे में यहां छोटी मशीनों की सबसे अधिक जरूरत होती है। इसके लिए बीते साल 75 छोटी मशीनें खरीदी गईं।
ताकि पहले से उपलब्ध मशीनेें को मिलाकर हर वार्ड के लिए एक छोटी फॉगिंग मशीन हो जाए। इस पर 50 लाख से अधिक रुपये भी खर्च किए गए थे।
शौचालय के सामने पड़ी हैं मशीनें
नगर निगम मुख्यालय में ही नगर आयुक्त सहित सभी आला अफसर बैठते हैं। इसके बाद भी नई मशीनेें कई महीने से मुख्यालय के भूतल पर बने शौचालय के सामने गली में महीनों से पड़ी हैं। साथ में साइकिलें भी बर्बाद हो रही हैं। जानकार बताते हैं मुख्यालय के अलावा अन्य जोन में भी नई मशीनों को कबाड़ की तरह डाल दिया गया है।
कल से होगी फॉगिंग
नगर निगम फॉगिंग एक मार्च से शुरू करेगा। इसे लेकर रोस्टर तैयार कर लिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि तापमान जब 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है तो फॉगिंग शुरू कराई जाती है। बड़ी गाड़ियों की फॉगिंग रोस्टर के हिसाब से कराई जाएगी। छोटी मशीनेें से फॉगिंग जोनल स्तर पर हर वार्ड में कराई जाएगी।
जिम्मेदार पर होगी कार्रवाई
अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी ने बताया कि नई मशीनों को सही से क्यों नहीं रखा गया, इस बारे में पता किया जाएगा। कितनी मशीनें, किस जोन में हैं, इसकी भी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। लापरवाही से मशीनों को रखने के लिए जो जिम्मेदार होगा उससे जवाब तलब करने के साथ कार्रवाई भी की जाएगी।
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राजधानी में एक ओर मच्छरों की भरमार से लोगों का जीना मुहाल है, वहीं नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से 50 लाख की फॉगिंग मशीनें कबाड़ हो रही हैं।
शहर के पुराने मोहल्लों की संकरी गलियों में मच्छर भगाने के लिए बीते वर्ष साइकिल पर लगाने वाली 75 मशीनें खरीदी गईं थीं। पर रखरखाव के अभाव में ये मशीनें धूल व गंदगी से कबाड़ हो रही हैं।
मलेरिया और डेंगू की रोकथाम को लेकर नगर निगम फॉगिंग कराता है। इसके लिए उसके पास 29 बड़ी मशीनें हैं। इनसे चौड़ी सड़कों पर तो आसानी से फॉगिंग हो जाती है, लेकिन संकरी गलियों में ये गाड़ियां नहीं जा पाती हैं।
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इसके लिए साइकिल पर लगीं छोटी मशीनेें की जरूरत पड़ती है। लालबाग, लालकुआं, चारबाग, नजरबाग, यहियागंज, रकाबगंज, गोलागंज, डालीगंज, बाबूगंज सहित पुराने शहर के कई मोहल्लों में ज्यादातर गलियां संकरी हैं।
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ऐसे में यहां छोटी मशीनों की सबसे अधिक जरूरत होती है। इसके लिए बीते साल 75 छोटी मशीनें खरीदी गईं।
ताकि पहले से उपलब्ध मशीनेें को मिलाकर हर वार्ड के लिए एक छोटी फॉगिंग मशीन हो जाए। इस पर 50 लाख से अधिक रुपये भी खर्च किए गए थे।
शौचालय के सामने पड़ी हैं मशीनें
नगर निगम मुख्यालय में ही नगर आयुक्त सहित सभी आला अफसर बैठते हैं। इसके बाद भी नई मशीनेें कई महीने से मुख्यालय के भूतल पर बने शौचालय के सामने गली में महीनों से पड़ी हैं। साथ में साइकिलें भी बर्बाद हो रही हैं। जानकार बताते हैं मुख्यालय के अलावा अन्य जोन में भी नई मशीनों को कबाड़ की तरह डाल दिया गया है।
कल से होगी फॉगिंग
नगर निगम फॉगिंग एक मार्च से शुरू करेगा। इसे लेकर रोस्टर तैयार कर लिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि तापमान जब 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है तो फॉगिंग शुरू कराई जाती है। बड़ी गाड़ियों की फॉगिंग रोस्टर के हिसाब से कराई जाएगी। छोटी मशीनेें से फॉगिंग जोनल स्तर पर हर वार्ड में कराई जाएगी।
जिम्मेदार पर होगी कार्रवाई
अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी ने बताया कि नई मशीनों को सही से क्यों नहीं रखा गया, इस बारे में पता किया जाएगा। कितनी मशीनें, किस जोन में हैं, इसकी भी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। लापरवाही से मशीनों को रखने के लिए जो जिम्मेदार होगा उससे जवाब तलब करने के साथ कार्रवाई भी की जाएगी।