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नई कंपनी दिखाएगी शहर को विकास का रास्ता
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 20 Aug 2013 01:28 AM IST
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शहर का संशोधित सीडीपी (सिटी डेवलपमेंट प्लान) बनाने के लिए नगर निगम ने नई दिल्ली की जिस कंसल्टेंट कंपनी का चयन किया था, उसने काम करने से इन्कार कर दिया है।
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इसके बाद नगर निगम ने नोएडा की कसंल्टेंट कंपनी का चयन कर लिया है। यह कंपनी इस महीने के अंत तक सीडीपी बनाने का काम शुरू कर देगी और दिसंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए कं पनी केसाथ अनुबंध की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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शहर में कितने पेयजल और कितनी सड़क की आवश्यकता है? ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने केलिए क्या उपाए किए जाएं और शहर को संवारने के लिए क्या जरूरी है।
इस सबका पता लगाने के लिए शहर का रिवाइज सिटी डेवलपमेंट प्लान (सीडीपी) बनाया जाना है। इसके लिए मार्च में टेंडर प्रक्रिया केद्वारा नगर निगम ने दिल्ली की कंपनी डीडीएफ कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड को चुना था और इसके लिए कंपनी को 19.20 लाख रुपये दिए जाने थे।
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सीडीपी के तैयार करने केलिए बीती 18 मार्च को जिन पांच कम्पनियों ने टेंडर डाले थे उनमें दिल्ली की डीडीएफ कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के अलावा व नोएडा की सेनेस कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड शामिल थीं। इनमें सेनेस दूसरे नंबर पर थी। इसने सीडीपी के लिए 19.70 लाख रुपये में टेंडर डाला था।
सीडीपी का काम देखने वाले अधिकारी ने बताया कि काम के लिए एग्रीमेंट करने के लिए डीडीएफ को 18 मई को पत्र भेजा गया, मगर कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद 20 जुलाई को पत्र लिखा गया।
24 जुलाई को कंपनी का जवाब आया कि नगर निगम ने टेंडर के बाद अनुबंध करने के लिए देरी की इसलिए कंपनी की टीम ने दूसरी जगह काम पर लगा दी गई है। ऐसे में सीडीपी केलिए उसकेपास टीम नहीं है। इसके बाद ही सेनेस को सीडीपी का काम दिया गया है।
संशोधित योजना में मेट्रो भी शामिल
जेएनएनयूआरएम योजना केतहत वर्ष 2006 में शहर अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया था।
जिसमें अब सात साल में शहर के मास्टर प्लान में हुए बदलाव और अवस्थापना सुविधाओं की मांग और उपलब्धता को देखते हुए फिर से फेरदबल किया जाएगा।
रिवाइज सीडीपी के तहत ही शहर में पेयजल, सीवरेज, पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक समेत विभिन्न जनसुविधाओं के समयबद्ध विकास की योजना तैयार की जाएगी।
जेएनएयूआरएम योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जो पुनरीक्षित सीडीपी तैयार किया जाएगी, उसमें इस बार मेट्रो को भी शामिल किया जाएगा।
पिछली सीडीपी में मेट्रो शामिल नहीं थी। ट्रांसपोर्ट केनाम पर सिर्फ सड़क ट्रांसपोर्ट योजना को ही शामिल किया गया था।