वाह! सीएम से महंगी जमीनों पर रह रहे उनके कारिंदे
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चौंकिए मत, सीएम आवास से ज्यादा महंगी कीमत वाली जमीन पर उनके कार्यालय के स्टाफ ने आशियाना बना रखा है।
जिले में नए डीएम सर्किल रेट लागू किए जाने की चल रही कवायद के दौरान रिवाइज्ड सर्किल रेट की दर के बाद गोमतीनगर इलाके में रहने वाले सीएम स्टाफ के मकान की जमीन की कीमत सीएम आवासीय क्षेत्र की कीमत से प्रति वर्ग मीटर ढाई हजार रुपये तक अधिक है।
इतना ही नहीं अन्य बड़े अफसरों व मंत्रियों के बने आवासीय बंगलों व कॉलोनियों की जमीन की कीमत भी हजरतगंज इलाके की जमीन से दो से ढाई हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक सस्ती है।
नए सर्किल रेट को लागू किए जाने से पहले डीएम की ओर से घोषित प्रस्तावित दर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं, अफसरों और जजों के आवासीय क्षेत्र के कारण वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले विक्रमादित्य इलाके के कालिदास मार्ग क्षेत्र में जमीन की प्रति वर्ग मीटर कीमत 21.6 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की गई है।
ये जमीनें हो जाएगीं महंगी
जबकि सीएम आवास से तीन किमी. की दूरी के गोमतीनगर इलाके में जमीन की कीमत 24 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 27.5 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक महंगी होगी।
कमोवेश ऐसी ही स्थिति शहर की अति विशिष्ट आवासीय कॉलोनियों की सूची में शामिल बटलर पैलेस, गौतम पल्ली, गुलिस्ता कॉलोनी, ला-मार्टिनियर कॉलोनी, पेपर मिल कॉलोनी व बाल्दा कॉलोनी इलाकों की जमीनों के दामों में भी होगी।
प्रस्तावित सर्किल रेट की दर निर्धारित करने वाली संयुक्त सर्वे टीम से जुड़े निबंधन विभाग के एक सब रजिस्ट्रार ने जमीन की कीमतों में व्याप्त इस बड़े अंतर का कारण साफ करते हुए बताया कि सर्किल रेट का निर्धारण और रिवीजन हर साल विभिन्न इलाकों में जमीनों की घटती बढ़ती बाजार दर व सर्किल रेट के बीच असमानता को दूर करने के लिए होता है।
बटलर पैलेस कॉलोनी में रहने वाले वरिष्ठ आईएएस व पीसीएस अफसरों के आवासीय क्षेत्र में जमीन की कीमत 14.4 हजार से बढ़कर 16.5 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है।
जबकि कॉलोनी से ढाई किमी. दूर स्थित स्थित महात्मा गांधी मार्ग में जमीन की प्रति वर्ग मीटर कीमत 36 हजार से बढ़कर 41.5 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक हो जाने से जमीन की कीमत 25 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक महंगी हो जाएगी।
हाईवे से जुड़ी जमीनें महंगी
प्रस्तावित डीएम सर्किल रेट की दर का निर्धारण करते समय इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाता है कि किन इलाकों में भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त कितनी हो रही है।
कालिदास मार्ग सहित अन्य प्रमुख सरकारी अधिकारियों की आवासीय कॉलोनियों में जमीन या अन्य भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की संभावना न्यूनतम होने से इन इलाकों में
सर्किल रेट की दर को हर साल एक समान स्तर तक ही बढ़ाने का प्रस्ताव होता है।
सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित भू-संपत्ति की कीमत पर ही दस फीसदी की दर से निबंधन के दौरान स्टांप शुल्क लगता है।
एआईजी स्टांप व निबंधन ओपी सिंह ने बताया कि इसीलिए वर्तमान में प्रस्तावित डीएम सर्किल रेट के निर्धारण में भी शहरी इलाकों की वर्तमान सर्किल रेट की दरों में एक समान स्तर पर 10 से 15 फीसदी तक ही बढ़ोतरी हुई है।
जबकि हाईवे से जुड़े इलाकों की जमीनों व फैलाव लेते शहर के विकास को देखते हुए गोमतीनगर, सीजी सिटी क्षेत्र, शहीद पथ क्षेत्र सहित अन्य आउटर सर्किल के हाईवे से जुड़ाव रखने वाली जमीनों के सर्किल रेट में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
यहां जमीनों की खरीद फरोख्त ज्यादा होने के कारण निबंधन के समय स्टांप शुल्क से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
प्रस्तावित सर्किल रेट पर पांच आपत्तियां दर्ज
दिसंबर के पहले सप्ताह से प्रस्तावित नए डीएम सर्किल रेट की घोषित दर पर कुछ लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसमें सुधार लाने का सुझाव प्रशासन को दिया है।
शहीदपथ से सटे मोहनलालगंज ब्लॉक के पूरनपुर गांव के लोगों ने जहां प्रस्तावित सर्किल रेट को आसपास के अर्ध विकसित क्षेत्रों के मुकाबले काफी कम बताते हुए इसमें बढ़ोतरी की मांग की है।
वहीं कुछ अन्य ने आपत्ति दर्ज कराते हुए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में फ्रंट व्यू व बैक व्यू की संपत्तियों की सर्किल दर को एक समान रखे जाने पर एतराज जताते हुए कॉम्प्लेक्स के पीछे की तरफ स्थित दुकानों के प्रस्तावित सर्किल रेट में कुछ कमी का सुझाव दिया है।
डीएम द्वारा शुक्रवार को घोषित प्रस्तावित सर्किल रेट की दरों के बाद आमजन मानस से 28 नवंबर तक इन पर आपत्तियां व सुझाव मांगे थे। गुरुवार को एडीएम वित्त व राजस्व धनंजय शुक्ला के पास तीन और एआईजी स्टांप ओपी सिंह के पास दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं।