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महंगा हो गया आज से आपके आशियाने का सपना
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 05 Aug 2013 11:33 PM IST
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राजधानी में में डीएम सर्किल रेट की बढ़ी हुई नई दरें सोमवार से लागू होगी। नई दरों के लागू होते ही राजधानी में लोगों के अपना घर खरीदना थोड़ा और महंगा हो जाएगा।
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शहरी क्षेत्र में महानगर व इंदिरा नगर में प्रति वर्ग मीटर 5500 रुपया की सर्वाधिक बढ़ोत्तरी के बाद इन इलाकों की भू संपत्तियों की कीमतों में सबसे ज्यादा इजाफा होगा।
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जिलाधिकारी के आदेशानुसार जिले में भू संपत्तियों की खरीद फरोख्त की नई दर 5 अगस्त से प्रभावी हो जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार सिंह यादव ने बताया कि नए सर्किल रेट की दर प्रभावी होने के बाद सोमवार से नई दर के अनुसार ही भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री होगी। नया सर्किल रेट लागू होने से राजधानी में भू-संपत्तियां दस से तीस फीसदी तक महंगी हो जाएगी।
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आपत्तियों के निस्तारण के बाद संशोधित सर्किल रेट की नई दर पहले 1 अगस्त से लागू की जानी थी लेकिन जिलाधिकारी अनुराग यादव ने रजिस्ट्री को लेकर लोगों की बढ़ी हुई भीड़ देखकर इसे चार दिन के लिए स्थगित करके 5 अगस्त से लागू करने के निर्देश दिए थे।
एडीएम वित्त व राजस्व ने बताया कि सर्किल रेट की नई दरें जिले के निबंधन कार्यालय सहित बीकेटी, मलिहाबाद व मोहनलालगंज तहसील में लागू होगी।
बढ़ी हुई दरें विभाग की वेबसाइट पर भी लोड की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट की तय दरों से बाजार भाव में व्याप्त अंतर को कम कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि नई दरों का निर्धारण भू-उपयोग, क्षेत्रीय उपयोगिता व व्यवसायिक व आवासीय गतिविधियों के संचालन के आधार पर किया गया है।
दूसरी तरफ सहायक महानिरीक्षक निबंधन ओपी सिंह ने बताया कि डीएम सर्किल रेट का निर्धारण करने में पहली बार जिले के हर मोहल्ले, हर गांव के लिए अलग-अलग दरों का स्पष्ट निर्धारण किया गया है।
सबसे ज्यादा 30 फीसदी की बढ़ोतरी कुछ पॉश इलाकों व आवासीय दृष्टि से सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले इलाकों में की गई है। वहीं कई जगह की वर्तमान दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र को पूरी राहत
सोमवार से लागू होने वाली नई दरों में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी संपत्तियों की वर्तमान दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा दिए जाने की नीति को देखते हुए ही इंडस्ट्रियल एरिया की भू-संपत्तियों को वर्तमान की बढ़ोतरी से दूर रखा गया है।
व्यवसायिक हितों का ध्यान
नए सर्किल रेट में व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े वर्ग को भी सुविधा पहुंचाने का पूरा ध्यान रखा गया है।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन ओपी सिंह ने बताया कि बेसमेंट में स्थित दुकान, गोदाम, कार्यालय अथवा स्टोर की निर्माण दर में दस फीसदी तक कमी की गई है।
प्रथम तल की दुकानों में निर्माण दर में कोई कमी नहीं की गई जबकि दूसरी व तीसरी मंजिल पर स्थित दुकानों की निर्माण दर में बीस प्रतिशत और चौथे व इससे ऊपर की मंजिल की दुकानों की निर्माण दर में तीस फीसदी तक कमी की गई है।
निर्माण दर में कमी का फायदा एसी मार्केट, कॉम्प्लेक्स व मॉल इत्यादि में नहीं मिलेगा। इसके साथ ही मार्केट परिसर में पीछे की तरफ बनी दुकानों की निर्माण दर में भी फ्रंट स्थित दुकानों के मुकाबले छूट मिलेगी।