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दिमागी बुखार के इलाज के नए केंद्र अगस्त से, 11 जिलों में शुरू होंगे 96 सेंटर
Thu, 04 Jul 2019 12:20 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:20 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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दिमागी बुखार (जेई-एईएस) के इलाज के लिए 11 नए जिलों में 96 इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) अगस्त माह से शुरू हो जाएंगे। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर इलाज की सुविधा मुहैया कराकर उसे ईटीसी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहांचार बेड दिमागी बुखार के मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। जब मरीज कुछ स्वस्थ हो जाएगा तब उसे जरूरत के अनुसार जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाएगा।
निदेशक संचारी रोग डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक व स्टाफ को दिमागी बुखार के मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षण और उपकरणों की व्यवस्था की जाती है। जिससे अचानक पहुंचने वाले मरीज को इलाज मुहैया कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि ईटीसी सेंटर के रूप में विकसित किए जाने वाले सीएचसी के सभी चिकित्सकों को दिमागी बुखार के मरीजों के इलाज की गाइड लाइन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सेंटर शुरू होने से पहले एक बार फिर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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निदेशक संचारी रोग डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक व स्टाफ को दिमागी बुखार के मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षण और उपकरणों की व्यवस्था की जाती है। जिससे अचानक पहुंचने वाले मरीज को इलाज मुहैया कराया जा सके।
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उन्होंने बताया कि ईटीसी सेंटर के रूप में विकसित किए जाने वाले सीएचसी के सभी चिकित्सकों को दिमागी बुखार के मरीजों के इलाज की गाइड लाइन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सेंटर शुरू होने से पहले एक बार फिर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जिलों के लिए मांगे सांस्कृतिक दल
निदेशक संचारी रोग ने बताया कि जेई-एईएस के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सांस्कृति दल की मांग की गई है। अभियान की शुरुआत के दिन लखनऊ में ऐसे ही लोक संगीत वाले दल ने दिमागी बुखार से बचाव के संदेश को बहुत रोचक ढंग से पहुंचाया था। इसी को देखते हुए सभी जिलों के लिए एक-एक दल सांस्कृतिक विभाग से मांगा गया है।