लखनऊः जानकीपुरम में बनेगा नया बस अड्डा, इन शहरों के लिए चलेंगी बसें
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परिवहन निगम का नया बस अड्डा जानकीपुरम में बनेगा। वहीं, कमता में ऊपर बने होटल और नीचे स्थित अड्डे से बसें चलेंगी। परिवहन निगम के एमडी डॉ. राजशेखर एवं एलडीए उपाध्यक्ष पीएन सिंह के सोमवार को संयुक्त निरीक्षण के बाद यह सहमति बनी।
कमता से बसें शुरू होने से कैसरबाग एवं आलमबाग अड्डे के आसपास का ट्रैफिक सिस्टम दुरुस्त होगा। निगम के एमडी के मुताबिक इंजीनियरिंग कॉलेज के पास जानकीपुरम विस्तार योजना के सेक्टर-ई में भूखंड संख्या सीपी-13 की पांच एकड़ जमीन को बस अड्डे के लिए एलडीए ने आरक्षित किया है।
इसके दोनों तरफ 24 मीटर डिवाइडर रोड है। ऐसे में भूखंड को बस अड्डे के लिए इस्तेमाल करने पर प्रवेश एवं निकास द्वार से बसों का आवागमन आसानी से होगा। बस अड्डा बनने में करीब एक साल लगेगा।
पूर्वांचल की बसें चलेंगी, 29 किमी दूरी कम होगी
कैसरबाग से हो रहा 700 बसों का संचालन
कैसरबाग अड्डे से लगभग 700 बसों का संचालन हो रहा है। इनका 1400 बार आना-जाना होता है। वहीं, अड्डे पर बसें खड़ी करने की जगह न होने से सड़क जाम होती है। कैसरबाग से सीतापुर मार्ग होकर बरेली, मुरादाबाद व उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, टनकपुर मार्ग के अतिरिक्त गोरखपुर, आजमगढ़, अयोध्या, देवीपाटन मंडलों के जनपदों से दिल्ली की ओर बसें चलती है।
जानकीपुरम अड्डे से चलेंगी 400 बसें
जानकीपुरम अड्डे से 400 बसें चलेंगी। इससे कैसरबाग अड्डे से 60 फीसदी बसों का लोड कम होगा और जाम नहीं लगेगा। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली बसें कैसरबाग न आकर पॉलीटेक्निक से सीधे रिंग रोड होते हुए सीतापुर रोड पर जानकीपुरम अड्डा होकर दिल्ली चली जाएंगी।
इसी अड्डे से बरेली होते हुए हल्द्वानी, टनकपुर, हरिद्वार एवं देहरादून तथा दिल्ली, सहारनपुर, मेरठ रूट की बसों का संचालन कराने से कैसरबाग की दूरी लगभग 14 किमी प्रति बस कम होगी। पूर्वांचल की ओर से कानपुर की ओर जाने वाली बसें शहीद पथ होते हुए सीधे कानपुर रोड होकर गंतव्य को जाएंगी। इससे आलमबाग एवं कैसरबाग अड्डे पर बसों का दबाव कम होगा।