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क्वीन मेरी में वसूली पर अड़े गार्डों ने दवा लेकर आए पिता को नहीं जाने दिया अंदर, नवजात की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 27 May 2018 04:14 PM IST
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बच्चे की मौत पर रोते परिवारीजन
- फोटो : amar ujala
क्वीन मेरी अस्पताल में गार्डों की मनमानी ने एक नवजात की जान ले ली। दवा लेकर आए पिता को पैसों की वसूली के लिए गार्डों ने दो घंटे तक गेट के अंदर नहीं जाने दिया। डॉक्टरों से सिफारिश भी लगवाई, लेकिन इसके बाद भी गार्ड पैसों की मांग करते हुए उसे गेट से भगा दिया। करीब दो घंटे बाद जब रेजिडेंट डॉक्टरों ने बच्चे की हालत खराब बताते हुए तुंरत अंदर भेजने का संदेश दिया, लेकिन तब तक नवजात दम तोड़ चुका था।
माल के मोहित शुक्ला की पत्नी शालिनी शुक्ला ने 22 मई को क्वीनमेरी अस्पताल में नवजात को जन्म दिया था। 23 मई को नवजात को कुछ स्किन की समस्या बताते हुए एनएनयू में भर्ती कर दिया गया था। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टर ने पिता मोहित को जल्द जरूरी दवाएं व कुछ जांच रिपोर्ट लाने के लिए भेजा।
7:15 बजे जब वो दवाएं लाकर गेट पर पहुंचे तो गार्ड ने अंदर जाने देने से मना कर दिया। इसपर बच्चे की हालत गंभीर होने की बात कह कर दवाएं दिखाते हुए गार्ड से अंदर जाने देने की विनती की। मोहित का आरोप है कि गार्ड ने 500 रुपये की मांग की। पैसे पास न होने की बात कही तो उसे गेट से धक्का देकर भगा दिया।
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हंगामे के बाद गार्ड फरार
नवजात की मौत के बाद क्वीन मेरी अस्पताल के गेट पर हंगामा होते देख आरोपी गार्ड ड्यूटी छोड़ मौके से फरार हो गया। मामले की जानकारी अस्पताल के पीआरओ को दी गई। परिवारीजन गार्ड को बुलाने की जिद पर अड़े परिसर में शव को लेकर अनशन पर बैठ गए। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
रात में भी वसूले थे हजार रुपये
मोहित बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर घर का खर्च चलाते हैं। पत्नी के इलाज के लिए भाई से पैसे उधार लिए थे। उनका आरोप है कि पांच दिनों से पत्नी भर्ती है। हर बार अंदर जाने के लिए गार्ड रुपये मांगते हैं। अगर पैसे देने से मना करो तो अंदर नहीं जाने दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सिजेरियन के बाद पत्नी की ड्रेसिंग के लिए रविवार रात डॉक्टर ने बैंडएड समेत कुछ दवाएं मंगाई थीं। 11:30 रात में जब दवा लेकर वापस आए तो गार्ड ने अंदर जाने देने से मना कर दिया। 1000 रुपए देने के बाद ही अंदर भेजने की बात कही। 500 रुपये देने के बाद भी गार्ड और रुपयों की जिद पर अड़े रहे। हजार रुपये वसूलने के बाद ही अंदर जाने दिया।
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माल के मोहित शुक्ला की पत्नी शालिनी शुक्ला ने 22 मई को क्वीनमेरी अस्पताल में नवजात को जन्म दिया था। 23 मई को नवजात को कुछ स्किन की समस्या बताते हुए एनएनयू में भर्ती कर दिया गया था। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टर ने पिता मोहित को जल्द जरूरी दवाएं व कुछ जांच रिपोर्ट लाने के लिए भेजा।
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7:15 बजे जब वो दवाएं लाकर गेट पर पहुंचे तो गार्ड ने अंदर जाने देने से मना कर दिया। इसपर बच्चे की हालत गंभीर होने की बात कह कर दवाएं दिखाते हुए गार्ड से अंदर जाने देने की विनती की। मोहित का आरोप है कि गार्ड ने 500 रुपये की मांग की। पैसे पास न होने की बात कही तो उसे गेट से धक्का देकर भगा दिया।
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हंगामे के बाद गार्ड फरार
नवजात की मौत के बाद क्वीन मेरी अस्पताल के गेट पर हंगामा होते देख आरोपी गार्ड ड्यूटी छोड़ मौके से फरार हो गया। मामले की जानकारी अस्पताल के पीआरओ को दी गई। परिवारीजन गार्ड को बुलाने की जिद पर अड़े परिसर में शव को लेकर अनशन पर बैठ गए। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
रात में भी वसूले थे हजार रुपये
मोहित बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर घर का खर्च चलाते हैं। पत्नी के इलाज के लिए भाई से पैसे उधार लिए थे। उनका आरोप है कि पांच दिनों से पत्नी भर्ती है। हर बार अंदर जाने के लिए गार्ड रुपये मांगते हैं। अगर पैसे देने से मना करो तो अंदर नहीं जाने दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सिजेरियन के बाद पत्नी की ड्रेसिंग के लिए रविवार रात डॉक्टर ने बैंडएड समेत कुछ दवाएं मंगाई थीं। 11:30 रात में जब दवा लेकर वापस आए तो गार्ड ने अंदर जाने देने से मना कर दिया। 1000 रुपए देने के बाद ही अंदर भेजने की बात कही। 500 रुपये देने के बाद भी गार्ड और रुपयों की जिद पर अड़े रहे। हजार रुपये वसूलने के बाद ही अंदर जाने दिया।
मैं शहर से बाहर थी
queen merry
- फोटो : amar ujala
मैं आउट ऑफ स्टेशन थी। अब तक हॉस्पिटल जॉइन नहीं किया है, इसलिए मामले की जानकारी नहीं है।
-डॉ. एसपी जैसवार, चिकित्सा प्रभारी, क्वीनमेरी अस्पताल
लिखित तहरीर मिलने पर दर्ज करेंगे केस
हंगामे के समय मामले की सूचना मिली थी। घरवालों ने गार्ड के खिलाफ शिकायत की है। मौके पर पहुंच कर परिवारी जनों को समझाया गया है। आरोपी गार्ड मौके से फरार हो गया है। कोई लिखित तहरीर दी जाती है तो केस दर्ज किया जाएगा। - हिमांचल सिंह, उपनिरीक्षक, चौक कोतवाली
रात में बढ़ जाता है रेट
अस्पताल में मौजूद सभी तीमारदार गार्डों की वसूली से परेशान हैं। तीमारदारों का कहना है कि गार्ड रात में अंदर जाने के लिए 500 रुपये वसूलते हैं। हालत यह है कि दवा लेकर आए लोगों को भी बिना पैसा लिए अंदर नहीं जाने दिया जाता है। वहीं दिन के समय वसूली की यह कीमत घट कर 100 से 300 रुपये के बीच हो जाती है। शिकायत करने पर भी अस्पताल प्रशासन कोई सुनवाई नहीं करता।
-डॉ. एसपी जैसवार, चिकित्सा प्रभारी, क्वीनमेरी अस्पताल
लिखित तहरीर मिलने पर दर्ज करेंगे केस
हंगामे के समय मामले की सूचना मिली थी। घरवालों ने गार्ड के खिलाफ शिकायत की है। मौके पर पहुंच कर परिवारी जनों को समझाया गया है। आरोपी गार्ड मौके से फरार हो गया है। कोई लिखित तहरीर दी जाती है तो केस दर्ज किया जाएगा। - हिमांचल सिंह, उपनिरीक्षक, चौक कोतवाली
रात में बढ़ जाता है रेट
अस्पताल में मौजूद सभी तीमारदार गार्डों की वसूली से परेशान हैं। तीमारदारों का कहना है कि गार्ड रात में अंदर जाने के लिए 500 रुपये वसूलते हैं। हालत यह है कि दवा लेकर आए लोगों को भी बिना पैसा लिए अंदर नहीं जाने दिया जाता है। वहीं दिन के समय वसूली की यह कीमत घट कर 100 से 300 रुपये के बीच हो जाती है। शिकायत करने पर भी अस्पताल प्रशासन कोई सुनवाई नहीं करता।