फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   nephew aakash learning politics from mayawati

मायावती से सियासत का ककहरा सीख रहा भतीजा, संभाल सकता है पार्टी की कमान

Wed, 16 Jan 2019 04:56 AM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: यशवीर सिंह Updated Wed, 16 Jan 2019 04:56 AM IST
विज्ञापन
nephew aakash learning politics from mayawati
मायावती के साथ आकाश

बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यक्रमों में अक्सर उनके आसपास दिखने वाला नौजवान आजकल चर्चा में है। यह उनके भाई आनंद का बेटा आकाश है, जो अपनी बुआ के साथ रहकर सियासत का ककहरा सीख रहा है।

विज्ञापन


दरअसल, मायावती अपने भाई आनंद को धीरे-धीरे पार्टी में आगे बढ़ाना चाहती थीं। इसीलिए उन्होंने आनंद को पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर इंट्री दी। बसपा संस्थापक कांशीराम ने भी मायावती को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर ही पार्टी में स्थापित किया था। लेकिन आनंद को यह जिम्मेदारी देते ही माया परिवारवाद के आरोपों से घिर गईं।
विज्ञापन


वे हमेशा परिवारवाद के खिलाफ बोलती थीं। आखिरकार मायावती ने आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया। आनंद तभी से पार्टी की गतिविधियों में सार्वजनिक रूप से नहीं दिखते। लेकिन आकाश बिना किसी पद के मायावती के साथ नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सपा-बसपा गठबंधन के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव की माया से मुलाकात के दौरान भी आकाश उनके साथ था। इसी तरह मंगलवार को मायावती के जन्मदिन पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बधाई देने उनके घर पहुंचे तो वहां भी आकाश नीले सूट में नजर आए। इससे पहले भी आकाश कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से माया के साथ मंच पर देखे गए हैं।

मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर भी आकाश की चर्चा 

बसपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि बहनजी आकाश को युवा नेता के तौर पर पार्टी में आगे बढ़ा रही हैं। किसी पद पर न होने के बावजूद उनके सहारे युवाओं को पार्टी से जोड़ने में कामयाबी मिलेगी।

इस नेता ने बताया कि लंदन से एमबीए करके लौटे आकाश के पास पार्टी में अभी कोई जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन पार्टी की हर अहम गतिविधि में उन्हें शामिल किया जा रहा है। सियासी चुनौतियों के कठिन हालात से पार्टी की बेहतरी का तानाबाना बुन रहीं बसपा सुप्रीमो आकाश को इस समय गठबंधन के प्रयोग से लेकर सीटों के बंटवारे तक के दांवपेंच सिखा रही हैं।

परिपक्व होने के बाद आकाश को वे अपनी सियासी विरासत सौंप दें तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि किसी जमाने में मायावती के एक संकेतात्मक एलान के बाद लोग आजमगढ़ के राजाराम को सियासी उत्तराधिकारी के तौर पर देखने लगे थे। लेकिन राजाराम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटाने के बाद जब आनंद को यह जिम्मेदारी दी गई तो उनका नाम लिया जाने लगा।

आनंद को पर्दे के पीछे भेजने के बाद जिस तरह आकाश को आगे बढ़ाया जा रहा है, इसे मायावती की दूरगामी रणनीति मानी जा रहा है।

सियासत का अनुभव ले रहा आकाश

- मायावती ने सहारनपुर हिंसा के बाद जब दौरा किया था, आकाश वहां भी साथ थे।
- मेरठ में हुई रैली में भी आकाश मंच पर थे।
- लखनऊ में बसपा नेताओं व को-ऑर्डिनेटरों की बैठक में मायावती ने आकाश का परिचय अपने भतीजे के रूप में कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed