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Lucknow News: लापरवाही पड़ी भारी, लाइन हाजिर के बाद नाका इंस्पेक्टर निलंबित
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लखनऊ। गोरखपुर के रायगंज निवासी निजी कंपनी कर्मी नवीन यादव की हत्या के मामले में अफसरों ने इंस्पेक्टर नाका की लापरवाही को गंभीर माना है। बृहस्पतिवार को लाइन हाजिर किए गए इंस्पेक्टर नाका वीरेंद्र त्रिपाठी को जेसीपी क्राइम / मुख्यालय अमित कुमार ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया। पश्चिमी जोन में तैनात इंस्पेक्टर श्रीकांत राय को नाका का नया इंस्पेक्टर बनाया गया है।
अमर उजाला ने नाका पुलिस की लापरवाही और चारबाग इलाके में होेने वाली अराजकता की खबर को एक अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए इस बात की पुष्टि हुई कि नवीन यादव के भाई सचिन की शिकायत पर इंस्पेक्टर नाका ने समय से गुमशुदगी दर्ज नहीं की। नवीन यादव को तलाशने के लिए कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की। इसी आरोप में शुक्रवार को उन्हें निलंबित किया गया है। चारबाग चौकी इंचार्ज कमल कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जेसीपी क्राइम ने इंस्पेक्टर नाका की लापरवाही पर कार्रवाई की है। ठाकुरगंज थाने से हटाए गए इंस्पेक्टर श्रीकांत राय को नाका कोतवाली का चार्ज दिया गया है।
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मदद करने के बजाए परिजनों को टरकाते रहे
नवीन यादव के मामले में नाका पुलिस शुरू से ही परिजनों को टरकाने में लगी थी। 25 जुलाई को नवीन के भाई सचिन ने नाका पुलिस से संपर्क किया था। उन्होंने नवीन के गायब होने व उनके साथ अनहोेनी की आशंका भी जताई थी। इंस्पेक्टर नाका ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने परिजनों को आईटीएमएस के कैमरों से लापता नवीन को तलाशने की बात कहकर टरका दिया। परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
डीसीपी पश्चिम के आदेश पर दर्ज हुई थी गुमशुदगी
गोरखपुर के एक पार्षद ने जब डीसीपी पश्चिम से मदद मांगी तब उनको पूरा मामला पता चला। 27 जुलाई को उनके आदेश पर गुमशुदगी दर्ज हुई। 31 जुलाई को पता चला कि नवीन की हत्या कर दी गई थी। उनका शव आलमबाग इलाके में 25 जुलाई को लावारिस हालत में मिला था। जांच के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों सीतापुर के रहने वाले ई ऑटो चालक अमित और कन्हैया को गिरफ्तार किया।
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अमर उजाला ने नाका पुलिस की लापरवाही और चारबाग इलाके में होेने वाली अराजकता की खबर को एक अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए इस बात की पुष्टि हुई कि नवीन यादव के भाई सचिन की शिकायत पर इंस्पेक्टर नाका ने समय से गुमशुदगी दर्ज नहीं की। नवीन यादव को तलाशने के लिए कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की। इसी आरोप में शुक्रवार को उन्हें निलंबित किया गया है। चारबाग चौकी इंचार्ज कमल कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
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डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जेसीपी क्राइम ने इंस्पेक्टर नाका की लापरवाही पर कार्रवाई की है। ठाकुरगंज थाने से हटाए गए इंस्पेक्टर श्रीकांत राय को नाका कोतवाली का चार्ज दिया गया है।
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मदद करने के बजाए परिजनों को टरकाते रहे
नवीन यादव के मामले में नाका पुलिस शुरू से ही परिजनों को टरकाने में लगी थी। 25 जुलाई को नवीन के भाई सचिन ने नाका पुलिस से संपर्क किया था। उन्होंने नवीन के गायब होने व उनके साथ अनहोेनी की आशंका भी जताई थी। इंस्पेक्टर नाका ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने परिजनों को आईटीएमएस के कैमरों से लापता नवीन को तलाशने की बात कहकर टरका दिया। परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
डीसीपी पश्चिम के आदेश पर दर्ज हुई थी गुमशुदगी
गोरखपुर के एक पार्षद ने जब डीसीपी पश्चिम से मदद मांगी तब उनको पूरा मामला पता चला। 27 जुलाई को उनके आदेश पर गुमशुदगी दर्ज हुई। 31 जुलाई को पता चला कि नवीन की हत्या कर दी गई थी। उनका शव आलमबाग इलाके में 25 जुलाई को लावारिस हालत में मिला था। जांच के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों सीतापुर के रहने वाले ई ऑटो चालक अमित और कन्हैया को गिरफ्तार किया।