फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   NEET re-examination: Exams were held at 75 centres in the capital, students expressed their concerns about pap

नीट पुनर्परीक्षा: राजधानी के 75 केंद्रों पर हुआ एग्जाम, पेपर लीक आशंका से ग्रस्त दिखे छात्र; बताया अपना अनुभव

Sun, 21 Jun 2026 10:48 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 21 Jun 2026 10:48 PM IST
सार

NEET re-examination:एक बार रद्द होने के बाद नीट की  पुनर्परीक्षा रविवार को हुई। 75 केंद्रों में हुई इस परीक्षा में छात्रों ने अपने अनुभव शेयर किए। 

विज्ञापन
NEET re-examination: Exams were held at 75 centres in the capital, students expressed their concerns about pap
नीट पुनर्परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सतत निगरानी के बीच रविवार को राजधानी के 75 केंद्रों पर नीट यूजी की पुनर्परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई, लेकिन अभ्यर्थियों के मन में भरोसे का संकट साफ दिखाई दिया। पिछली परीक्षा निरस्त होने की टीस और पेपर लीक की घटनाओं की याद ने कई अभ्यर्थियों को असमंजस में रखा। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा केंद्रों पर इस बार व्यवस्थाएं पहले से अधिक सुदृढ़ थीं, लेकिन परिणाम आने तक आशंकाएं बनी रहेंगी।

विज्ञापन


राजधानी में पंजीकृत 35,594 अभ्यर्थियों में से 2,433 ने परीक्षा नहीं दी। परीक्षा के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र पहले की अपेक्षा अधिक ट्रिकी रहा। विशेष रूप से फिजिक्स के प्रश्नों ने उनकी तैयारी और समय प्रबंधन दोनों की परीक्षा ली। वहीं, जीव विज्ञान और केमिस्ट्री अपेक्षाकृत सहज लगी।
विज्ञापन


जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने गोलागंज स्थित क्रिश्चियन कॉलेज, लालबाग के अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज और राजेंद्र नगर स्थित डीएवी कॉलेज पहुंचकर परीक्षा संचालन, सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


परीक्षा देकर निकले छात्रों और अभिभावकों ने माना कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना था कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

अभ्यर्थियों के अनुसार फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों ने सबसे ज्यादा उलझाया। कई छात्रों ने फिजिकल केमिस्ट्री की गणनाओं को भी समय लेने वाला बताया। जीव विज्ञान में एनसीईआरटी आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही, जबकि जेनेटिक्स, मानव शरीर क्रिया विज्ञान, पारिस्थितिकी और पादप शरीर क्रिया विज्ञान से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।

छलका पेपर लीक का दर्द, फिजिक्स के सवालों ने बढ़ाई चुनौती

अमेठी की तनु ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र अधिक ट्रिकी लगा। फिजिक्स में न्यूमेरिकल और वैचारिक प्रश्नों ने परेशान किया, जिससे कम अंक आने की चिंता बनी हुई है। जौनपुर के मो. अर्सलान ने कहा कि पेपर अच्छा रहा, लेकिन यह मलाल बना रहेगा कि यदि पिछली बार पेपर लीक न हुआ होता तो परिणाम बेहतर आ सकते थे। फिजिक्स के साथ फिजिकल केमिस्ट्री की गणनाओं ने भी काफी समय लिया। लखनऊ के अहमद ओवैस का कहना था कि पिछली परीक्षा में उनके लगभग 640 अंक आ रहे थे, लेकिन इस बार अंक कम आने की आशंका है। उन्होंने फिजिक्स के कुछ सवालों को जेईई एडवांस स्तर का बताया।

जानकीपुरम के आशुतोष चौहान ने कहा कि फिजिक्स और केमिस्ट्री में कुछ प्रश्न पेचीदा रहे, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान लगी। उनका मानना है कि परिणाम आने तक छात्रों के मन में आशंका बनी रहेगी। लखनऊ के रमन सिंह ने कहा कि वास्तविक स्थिति का पता परिणाम और कटऑफ आने के बाद ही चलेगा। वहीं, बालागंज के अबू बकर ने कहा कि जीव विज्ञान सबसे अधिक स्कोरिंग रहा, लेकिन पर्याप्त प्रैक्टिस न होने का असर कई प्रश्नों में महसूस हुआ।
 

फिजिक्स में न्यूमेरिकल बेस्ड व वैचारिक प्रश्नों ने किया परेशान

NEET re-examination: Exams were held at 75 centres in the capital, students expressed their concerns about pap
यूपी की कई जिलों में हुई परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला।
पिछली बार की अपेक्षा इस बार का पेपर मुझे थोड़ा ट्रिकी लगा। फिजिक्स में न्यूमेरिकल बेस्ड व वैचारिक प्रश्नों ने परेशान किया। पिछली बार की अपेक्षा इस बार कम अंक आने की डर सता रहा है। हालांकि इस बार पहले की तुलना में व्यवस्था अधिक चाक-चौबंद नजर आई। -तनु, अमेठी

फिजिकल केमिस्ट्री की गणनाओं ने काफी समय लिया
पिछली बार की तरह इस बार भी पेपर अच्छा रहा लेकिन यह दुख हमेशा बना रहेगा कि अगर पिछली बार पेपर लीक न हुआ होता तो परिणाम बेहतर आते। खैर, जो हुआ सो हुआ अब आगे कटऑफ पर निर्भर करेगा कि चयन होगा या नहीं। फिजिक्स की तरह केमिस्ट्री में भी कुछ सवाल पेचीदा लगे। फिजिकल केमिस्ट्री की गणनाओं ने काफी समय लिया। - मो अर्सलान, जौनपुर

फिजिक्स में पूछे जेईई एडवांस स्तर के सवाल
पिछली परीक्षा की परीक्षा में 640 अंक आ रहे थे। लग रहा है कि इस बार अंक कम मिलेंगे। फिजिक्स में जेईई एडवांस स्तर के सवाल पूछ लिए गए। जीव विज्ञान का खंड पूरी तरह से एनसीईआरटी पर आधारित था। मैच द कॉलम जैसे प्रश्नों की संख्या भी अच्छी थी। इनमें आनुवंशिकी और विकास, मानव शरीर क्रिया विज्ञान, पारिस्थितिकी के साथ ही पादप शरीर क्रिया विज्ञान के प्रश्न भी पूछे गए। -अहमद ओवैस, लखनऊ

केमिस्ट्री में भी कुछ पेचीदा सवाल
पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार फिजिक्स और केमिस्ट्री मॉडरेट रहीं, जबकि बायोलॉजी आसान लगी। केमिस्ट्री में कुछ सवाल ट्रिकी रहे। मॉडर्न फिजिक्स, ऑप्टिक्स, सेमी कंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रोस्टेटिक्स से संबंधित प्रश्न पूछे गए। पहले भी कई बार पेपर लीक की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। ऐसे में इस बार भी परिणाम आने तक डर लगा रहेगा। व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। -आशुतोष चौहान, जानकीपुरम





 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed