बच्चे के पेट में दर्जनों सुई, पढ़ें क्या बोले डॉक्टर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढाई घंटे की मेहनत के बाद चार माह के हार्दिक की पेशाब की नली में धंसी तीन निडिल (सुइयों) को निकाल दिया। केजीएमयू में दूरबीन विधि से पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के हेड प्रो.एसएन कुरील ने पेरीनियल यूरेथ्रोटोमी विधि से सुइयों को बाहर निकाला गया।
दो दर्जन से अधिक अन्य निडिल निकालने के लिए कई चरणों में उसकी सर्जरी की जाएगी। प्रो. एसएन कुरील ने बताया कि हार्दिक के पूरे शरीर में सुइयां हैं।
खासतौर से उसकी पेट के निचले हिस्से ‘पेल्विस’ में सुइयां काफी हैं। सामान्य प्रसव से पैदा होने वाले हार्दिक के शरीर में निडिल मिलना आश्चर्यजनक है।
बच्चे की पेशाब से आता था खून
बच्चे की मां सत्याक्षी ने लगभग एक माह से शरीर से सुइयां निकलते देखी थीं। साथ उसे पेशाब में खून भी आ रहा था। इसी को देखकर वो रायबरेली के चिकित्सालय गए थे।
जहां से बच्चे को केजीएमयू लाने की सलाह दी गई थी। प्रो. कुरील ने बताया कि पेशाब में खून आने की शिकायत की वजह से डॉक्टरों ने दूरबीन विधि से पेशाब के रास्ते की जॉच की।
इसमें बच्चे की पेशाब नली के पिछले भाग में तीन सुई चुभी पाई गई। इन तीनों सुइयों को डॉक्टरों ने पेरीनियल यूरेथ्रोटोमी सर्जरी विधि से निकाल दिया।
प्रो. कुरील ने बताया कि हार्दिक के शरीर से सुई निकालने वाली टीम में डॉ. ओम पूर्वे,एनेस्थेटिस्ट डॉ. शेफाली गौतम, डॉ. वंदना भारती, सिस्टर सोसन मैसी और सुधा शामिल थीं।
प्रो.एसएन कुरील ने बताया कि बच्चे के शरीर में बाहर से निडिल डाली गई हैं। यह एक प्रकार का शिशु उत्पीड़न लगता है। जिसे मूनचौउसेन सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है। सुई को त्वचा अथवा मलद्वार से शरीर में पहुंचाया गया होगा। जिसमें सबसे खतरनाक पेशाब की नली में सूई का होना है।