{"_id":"65762252e8396592e508c87c","slug":"nbri-flower-exhibition-lucknow-news-c-13-lko1012-526436-2023-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बागवानों को ट्रॉफी, इतराई गुलदाऊदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बागवानों को ट्रॉफी, इतराई गुलदाऊदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। एनबीआरआई का सेंट्रल लॉन गुलदाऊदी व कोलियस की ढेरों किस्मों से सजा हुआ था। वहीं बड़ी संख्या में बागवानों की मौजदूगी में पुष्प प्रदर्शनी के दौरान गुनगुनी धूप में पुष्प प्रेमी आनंद विभोर रहे। फूलों के बारे में समझते, सेल्फी लेते लोग उस वक्त मंच के सामने आकर इकट्ठा हो गए, जब पुरस्कार वितरण शुरू हुआ। बागवानों के हाथ में ट्रॉफियां आते ही तालियां गूंजने लगीं। इस मौके पर कृषि शिक्षा व अनुसंधान विभाग एवं महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. हिमांशु पाठक व मंडलायुक्त डॉ. रौशन जैकब ने सभी को पुरस्कृत किया। घोषणा की गई कि अगले साल प्रदर्शनी का फूल होगा स्नोबॉल और फोटोग्राफी का रंग होगा लाल।
ला-मार्टीनियर कॉलेज का चार ट्रॉफियों पर कब्जा
ला-मार्टीनियर कॉलेज इस पूरे आयोजन में अव्वल रहा। परसी-लंकास्टर चैलेंज कप, श्रीमती कुमुद रस्तोगी मेमोरिल रनिंग चैलेंज ट्राॅफी, इंडियन एक्सप्लोसिव लिमिटेड रनिंग ट्रॉफी और विक्रमजीत सिंह रनिंग कप जीता। महबूब अली मेमोरियल रनिंग चैलेंज ट्रॉफी व देवी शंकर सिन्हा मेमोरियल रनिंग ट्राफी के साथ टाटा मोटर्स दूसरे स्थान पर रहा। रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी व काजी सैय्यद मसूद हसन रनिंग चैलेंज ट्रॉफी के साथ गोमतीनगर के उमाशंकर साहू ने टाटा मोटर्स की बराबरी की। अन्य विजेताओं में रंजीता अग्रवाल, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, अंचल ग्रीन अम्पायर, अंसल सेेलेब्रिटी, मंजू शंकर, राम औतार यादव, अचल बिहारी लाल, सूबेदार मेजर भानु प्रताप सिंह चौहान, हेड क्वाटर सेंट्रल कमांड, 11 जीआरआरसी कैंट, सौभाग्य श्रीवास्तव, दिनेशचंद्र मिश्र, मंजू शंकर, सिमिट्री गार्डन व गेस्ट हाउस ला-मार्टीनियर शामिल हैं। 330 सामान्य पुरस्कार दिए गए, इनमें 98 प्रथम, 100 द्वितीय और 132 सांत्वना पुरस्कार शामिल हैं।
पूरे एक साल तक टीम वर्क का नतीजा
छोटे फूल वाली गुलदाउदी जिसे प्रदर्शनी की रानी के लिए रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी दी गई, को तैयार करने वाली सेंट्रल कमांड की टीम एक दूसरे को बधाई दे रही थी। टीम के सदस्यों का नाम पूछने पर कहते हैं कि हम कोई एक नहीं बल्कि पूरे साल एक टीम काम करती है। हमारी पहचान सेंट्रल कमांड है। इसी तरह एचएएल की टीम ने भी पूरा श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया। एचओडी सिविल एके पाठक ने कहा कि हमारे अधिकारी से लेकर माली तक पूरे साल मेहनत करते हैं। शीर्ष अफसरों के नेतृत्व में हम गुलदाउदी तैयार करते हैं।
विज्ञापन
नन्ही विजेता बोली- बरसात हुई तो हम लोग डर गए थे
इस प्रदर्शनी की नन्ही विजेता है कक्षा छह की छात्रा सौभाग्य श्रीवास्तव। पिता ने भी ट्राॅफी जीती है। मां डॉ. वंदिता सिन्हा अपने पति और बेटी की जीत की खुशी को कैमरे में कैद कर रही थीं। सौभाग्य कहती हैं कि बीते दिनों जब पानी बरसा तो हम डर गए थे कि हमारी मेहनत बेकार न चली जाए। रात भर जागकर हमने पालिथीन से कवर करते हुए इसे बचाया। बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पुरस्कार मिला। ये शौक मुझे पापा से मिला।
विज्ञापन
ला-मार्टीनियर कॉलेज का चार ट्रॉफियों पर कब्जा
ला-मार्टीनियर कॉलेज इस पूरे आयोजन में अव्वल रहा। परसी-लंकास्टर चैलेंज कप, श्रीमती कुमुद रस्तोगी मेमोरिल रनिंग चैलेंज ट्राॅफी, इंडियन एक्सप्लोसिव लिमिटेड रनिंग ट्रॉफी और विक्रमजीत सिंह रनिंग कप जीता। महबूब अली मेमोरियल रनिंग चैलेंज ट्रॉफी व देवी शंकर सिन्हा मेमोरियल रनिंग ट्राफी के साथ टाटा मोटर्स दूसरे स्थान पर रहा। रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी व काजी सैय्यद मसूद हसन रनिंग चैलेंज ट्रॉफी के साथ गोमतीनगर के उमाशंकर साहू ने टाटा मोटर्स की बराबरी की। अन्य विजेताओं में रंजीता अग्रवाल, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, अंचल ग्रीन अम्पायर, अंसल सेेलेब्रिटी, मंजू शंकर, राम औतार यादव, अचल बिहारी लाल, सूबेदार मेजर भानु प्रताप सिंह चौहान, हेड क्वाटर सेंट्रल कमांड, 11 जीआरआरसी कैंट, सौभाग्य श्रीवास्तव, दिनेशचंद्र मिश्र, मंजू शंकर, सिमिट्री गार्डन व गेस्ट हाउस ला-मार्टीनियर शामिल हैं। 330 सामान्य पुरस्कार दिए गए, इनमें 98 प्रथम, 100 द्वितीय और 132 सांत्वना पुरस्कार शामिल हैं।
विज्ञापन
पूरे एक साल तक टीम वर्क का नतीजा
छोटे फूल वाली गुलदाउदी जिसे प्रदर्शनी की रानी के लिए रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी दी गई, को तैयार करने वाली सेंट्रल कमांड की टीम एक दूसरे को बधाई दे रही थी। टीम के सदस्यों का नाम पूछने पर कहते हैं कि हम कोई एक नहीं बल्कि पूरे साल एक टीम काम करती है। हमारी पहचान सेंट्रल कमांड है। इसी तरह एचएएल की टीम ने भी पूरा श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया। एचओडी सिविल एके पाठक ने कहा कि हमारे अधिकारी से लेकर माली तक पूरे साल मेहनत करते हैं। शीर्ष अफसरों के नेतृत्व में हम गुलदाउदी तैयार करते हैं।
विज्ञापन
नन्ही विजेता बोली- बरसात हुई तो हम लोग डर गए थे
इस प्रदर्शनी की नन्ही विजेता है कक्षा छह की छात्रा सौभाग्य श्रीवास्तव। पिता ने भी ट्राॅफी जीती है। मां डॉ. वंदिता सिन्हा अपने पति और बेटी की जीत की खुशी को कैमरे में कैद कर रही थीं। सौभाग्य कहती हैं कि बीते दिनों जब पानी बरसा तो हम डर गए थे कि हमारी मेहनत बेकार न चली जाए। रात भर जागकर हमने पालिथीन से कवर करते हुए इसे बचाया। बहुत खुशी हो रही है कि मुझे पुरस्कार मिला। ये शौक मुझे पापा से मिला।