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Lucknow News: नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा विस्तार, 6.8 एकड़ में बनेगी वाटर बॉडी
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नौसेना शौर्य संग्रहालय।
लखनऊ। राजधानी में पर्यटन विभाग की ओर से विकसित किए जा रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार होगा। इसके तीसरे चरण में वाटर बॉडी विकसित करने के लिए कैबिनेट ने 6.8 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए को देने का भी निर्णय लिया गया है।
वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए संबंधित 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। परियोजना से होने वाली आय लविप्र और पर्यटन विभाग को 80-20 के अनुपात में मिलेगी। परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनी विकसित की जाएंगी।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना के तीसरे चरण में नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियों के साथ बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। लाइट एंड साउंड शो तथा जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से संबंधित प्रदर्शनी बनाना भी प्रस्तावित है। इससे संग्रहालय को शैक्षणिक भ्रमण के साथ परिवारों के मनोरंजन के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।
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69.10 करोड़ का बजट मंजूर
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका आदि से जुड़े कामों के लिए अब तक 69.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परिसर में प्रवेश के लिए टिकट लगेगा। छात्रों और बच्चों के लिए रियायती दरों पर प्रवेश मिलेगा। छात्रों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को यहां समुद्री जीवन व उससे जुड़ी तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक तकनीक से रूबरू कराएगा एक्सपीरियंस सेंटर
परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे। इनके जरिये प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। केंद्र में भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और बचाव अभियानों में भूमिका की जानकारी भी दी जाएगी। यहां एक्वेरियम विकसित करने की भी योजना है।
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वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए संबंधित 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। परियोजना से होने वाली आय लविप्र और पर्यटन विभाग को 80-20 के अनुपात में मिलेगी। परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनी विकसित की जाएंगी।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना के तीसरे चरण में नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियों के साथ बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। लाइट एंड साउंड शो तथा जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से संबंधित प्रदर्शनी बनाना भी प्रस्तावित है। इससे संग्रहालय को शैक्षणिक भ्रमण के साथ परिवारों के मनोरंजन के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।
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69.10 करोड़ का बजट मंजूर
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका आदि से जुड़े कामों के लिए अब तक 69.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परिसर में प्रवेश के लिए टिकट लगेगा। छात्रों और बच्चों के लिए रियायती दरों पर प्रवेश मिलेगा। छात्रों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को यहां समुद्री जीवन व उससे जुड़ी तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक तकनीक से रूबरू कराएगा एक्सपीरियंस सेंटर
परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे। इनके जरिये प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। केंद्र में भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और बचाव अभियानों में भूमिका की जानकारी भी दी जाएगी। यहां एक्वेरियम विकसित करने की भी योजना है।