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क्या बहराइच में मुलायम को जवाब देंगे मोदी!
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Fri, 08 Nov 2013 11:43 AM IST
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मुलायम सिंह की आजमगढ़ और मैनपुरी में सभाओं के बाद शुक्रवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी बहराइच में रैली को संबोधित करने आ रहे हैं।
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वैसे तो पिछले 20 दिनों में मोदी की यूपी में यह तीसरी रैली होगी लेकिन खास बात यह है कि रैलियों के मैदान में मुलायम के उतरने के बाद मोदी पहली बार उत्तर प्रदेश में होंगे।
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इसलिए देखने वाली बात यह होगी कि समाजवादी पार्टी की सभाओं में मुलायम सिंह यादव की बातों पर उनका रुख क्या होता है? बोलते भी हैं या सपा मुखिया की बातों का संज्ञान लिए बगैर आगे बढ़ लेते हैं।
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पढ़ें-'यूपी को किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे गुजरात'
अवध की धरती पर हो रही इस रैली को लेकर लोगों में दूसरी सबसे बड़ी जिज्ञासा राम मंदिर और अयोध्या है। मोदी अभी तक इस मुद्दे को सफाई से किनारे करके आगे निकलते रहे हैं।
दरअसल, मोदी ने जब कानपुर व झांसी में रैलियां कीं तब तक इस अखाड़े में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव नहीं उतरे थे। इसलिए मोदी के सामने मुलायम के न तो आरोप थे और न उन्हें लेकर कोई सवाल।
हालांकि, मोदी ने कानपुर में यूपी की कानून-व्यवस्था को खस्ताहाल बताते हुए प्रदेश सरकार पर जरूर हमला बोला लेकिन मुलायम पर उनका सीधा निशाना नहीं रहा। पर, अब मुलायम की तरफ से मोदी पर निशाना साधा जा चुका है।
मुलायम ने कहा, ‘मोदी सिर्फ गुजरात व टीवी पर दिखते हैं। इसलिए लोगों में मोदी की तरफ से मुलायम के जवाब को लेकर भी उत्सुकता होना स्वाभाविक है।
हम गुजरात नहीं बनने देंगे
मुलायम ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र मैनपुरी में इन शब्दों में मोदी पर निशाना साधा, ‘कहा, हमारे साथ नौजवान हैं। मोदी के साथ कौन है? वह यूपी को गुजरात बनाना चाहते हैं।
हम ऐसा नहीं होने देंगे। हाँ! विकास जरूर करेंगे लेकिन कत्लेआम नहीं होने देंगे। मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक ताकतें कामयाब हो गईं। (मुख्यमंत्री की तरफ देखते हुए) अखिलेश! ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटा जाता है।
सबसे बड़ा डर सरकार का होता है। अयोध्या पर ढिलाई बरतता तो वहां ढांचा न बचता। हमने सख्ती की तो सांप्रदायिक ताकतें ढांचा नहीं तोड़ पाईं।
ऐसी सख्ती करो कि सांप्रदायिक ताकतों की रीढ़ टूट जाए।’ भाषण में भले ही मोदी पर उन्होंने अपनी बात तीन-चार लाइनों में खत्म कर दी। पर, इन लाइनों ने ही लोगों में मोदी के बहराइच में रुख को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।
पढ़ें-एनएसजी कमांडो के हाथों में मोदी की रैली की सुरक्षा
देखने वाला होगा मोदी का रवैया
लोगों में सबसे ज्यादा जिज्ञासा यही है कि मुलायम की इन बातों पर मोदी का रुख क्या रहता है? उनके मुंह से क्या कुछ निकलता है? निकलता भी है या वह मुलायम की बातों पर गौर किए बगैर आगे बढ़ जाएंगे।
हालांकि, राजनीतिक समीक्षकों को दूसरी बात की संभावना ज्यादा दिखती है।
इनका तर्क है कि मोदी जिस रणनीति के साथ रैलियां कर रहे हैं, उसके चलते वह आरोपों- प्रत्यारोपों में उलझने के बजाय नए आक्रमण करके आगे बढ़ना चाहेंगे ताकि भाजपा विरोधी दल सफाई देने में उलझे रहें।
मंदिर पर क्या रहेगा रुख
भगवा खेमे के प्राणतत्व अयोध्या, मथुरा और काशी यूपी में ही हैं लेकिन मोदी यूपी में अब तक अपनी दो रैलियों में इस मुद्दे पर चुप ही रहे हैं।
इस बार खास बात यह है कि रैली बहराइच में है। इसमें फैजाबाद व अयोध्या के लोग भी आएंगे। रैली स्थल की अयोध्या से बमुश्किल 100 किमी की दूरी है।
इसलिए लोगों के दिमाग में यह सवाल बार-बार कौंध रहा है कि यहां मोदी का मंदिर मुद्दे पर क्या रुख रहता है।
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