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सुबह 10 बजे से ऑफिस, शाम तक पहुंच रहे कर्मचारी
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प्रवेंद्र गुप्ता
एप से हाजिरी की व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों की पोल खुलने लगी है। ज्यादातर कर्मचारियों की समय से ऑफिस न पहुंचने की आदत अब सबके सामने है।
ऑफिस सुबह दस बजे पहुंचना है, मगर बहुत से कर्मचारी दोपहर बाद और कई तो शाम पांच बजे के बाद ऑफिस आ रहे हैं। सुबह आने वाले कर्मचारी भी 10 बजे के बाद ही ऑफिस पहुंचते हैं।
सख्ती के बाद भी अभी करीब 200 कर्मचारी एप से हाजिरी नहीं लगा रहे हैं। कार्यदायी एजेंसी से तैनात कर्मचारियों को छोड़कर नगर निगम में करीब चार हजार नियमित कर्मचारी-अधिकारी हैं।
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उनमें से सफाई कर्मियों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एप से हाजिरी लगाने से छूट दी गई है। इस तरह करीब एक हजार कर्मचारी ही ऐसे बचते हैं, जिन्हें एप से हाजिरी लगानी है।
एप में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार करीब 10 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो दोपहर बाद ऑफिस आते हैं। इसी तरह करीब 40 प्रतिशत कर्मचारी 11 बजे के बाद ऑफिस पहुंच रहे हैं।
करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो दस बजे के बाद आफिस आते हैं। कुल मिलाकर महज 10 प्रतिशत कर्मचारी ही ऐसे हैं जो समय से ऑफिस आ रहे हैं। वहीं करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे भी हैं जो एप से हाजिरी ही नहीं लगाते।
लापरवाह कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश
एप से हाजिरी की रिपोर्ट आने के बाद अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी ने सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किया है कि वह देर से आ रहे कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करें। वहीं एप से हाजिरी न लगाने वालों का वेतन रोकें।
हाजिरी नहीं लगा रहे तो वेतन भी नहीं मिलेगा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि एप से हाजिरी के आधार पर ही वेतन बनेगा। सफाई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़ सभी को 311 एप से हाजिरी दर्ज करनी है। ऐसा न करने वालों का वेतन जारी नहीं हो पाएगा।
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एप से हाजिरी की व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों की पोल खुलने लगी है। ज्यादातर कर्मचारियों की समय से ऑफिस न पहुंचने की आदत अब सबके सामने है।
ऑफिस सुबह दस बजे पहुंचना है, मगर बहुत से कर्मचारी दोपहर बाद और कई तो शाम पांच बजे के बाद ऑफिस आ रहे हैं। सुबह आने वाले कर्मचारी भी 10 बजे के बाद ही ऑफिस पहुंचते हैं।
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सख्ती के बाद भी अभी करीब 200 कर्मचारी एप से हाजिरी नहीं लगा रहे हैं। कार्यदायी एजेंसी से तैनात कर्मचारियों को छोड़कर नगर निगम में करीब चार हजार नियमित कर्मचारी-अधिकारी हैं।
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उनमें से सफाई कर्मियों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एप से हाजिरी लगाने से छूट दी गई है। इस तरह करीब एक हजार कर्मचारी ही ऐसे बचते हैं, जिन्हें एप से हाजिरी लगानी है।
एप में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार करीब 10 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो दोपहर बाद ऑफिस आते हैं। इसी तरह करीब 40 प्रतिशत कर्मचारी 11 बजे के बाद ऑफिस पहुंच रहे हैं।
करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो दस बजे के बाद आफिस आते हैं। कुल मिलाकर महज 10 प्रतिशत कर्मचारी ही ऐसे हैं जो समय से ऑफिस आ रहे हैं। वहीं करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे भी हैं जो एप से हाजिरी ही नहीं लगाते।
लापरवाह कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश
एप से हाजिरी की रिपोर्ट आने के बाद अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी ने सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किया है कि वह देर से आ रहे कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करें। वहीं एप से हाजिरी न लगाने वालों का वेतन रोकें।
हाजिरी नहीं लगा रहे तो वेतन भी नहीं मिलेगा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि एप से हाजिरी के आधार पर ही वेतन बनेगा। सफाई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़ सभी को 311 एप से हाजिरी दर्ज करनी है। ऐसा न करने वालों का वेतन जारी नहीं हो पाएगा।