{"_id":"5f7f6db28ebc3e91b7101307","slug":"nagar-nigam-sold-treatment-water-lko-city-news-lko5442684154","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोबारा इस्तेमाल को एसटीपी का पानी बेचेगा नगर निगम, बनाई जा रही कार्ययोजना, सप्ताहभर में अमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोबारा इस्तेमाल को एसटीपी का पानी बेचेगा नगर निगम, बनाई जा रही कार्ययोजना, सप्ताहभर में अमल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोबारा इस्तेमाल को एसटीपी का पानी बेचेगा नगर निगम, बनाई जा रही कार्ययोजना, सप्ताहभर में अमल
नगर निगम अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित पानी को दोबारा इस्तेमाल के लिए बेचेगा। इससे जहां भूगर्भ जलदोहन में कमी आएगी वहीं, निगम को कमाई भी होगी।
इसे लेकर बनाई जा रही कार्ययोजना पर सप्ताहभर में अमल शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले प्रति टैंकर पानी की कीमत भी तय की जाएगी।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि गोमती नगर के भरवारा में 345 एलएलडी का एसटीपी और दौलतगंज में 56 एमएलडी का एसटीपी है। अभी वहां का शोधित पानी नदी में छोड़ा जाता है।
अब योजना बनाई जा रही है कि भवन निर्माण कार्य और धूल आदि को लेकर सड़कों पर किए जाने वाले छिड़काव में इस शोधित पानी का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा।
नगर निगम के पार्कों में यही पानी उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए पहले दस टैंकर लगाए जाएंगे। शहरवासी जरूरत के हिसाब से टैंकर मंगा सकें, उसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाकर नंबर जारी किया जाएगा। कीमत तय नहीं है, लेकिन कम से कम रखी जाएगी।
विज्ञापन
वहीं, नगर निगम सदन की सोमवार को होने वाली बैठक को लेकर बृहस्पतिवार को एजेंडा जारी कर दिया गया। बैठक में भाऊराव देवरस सेवा न्यास को अस्पताल चलाने के लिए रिवर बैंक कॉलोनी में नियमों के विपरीत आवंटित बंगले का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
इसे लेकर हंगामा और बवाल हो सकता है। इसके अलावा ज्यादातर प्रस्ताव सड़क व पार्क नामकरण से जुड़े हैं।
करीब सात महीन पहले हुई नगर निगम की कार्यकारिणी की हुई बैठक में गुपचुप तौर पर नियमों के विपरीत रिवर बैंक कॉलोनी में करीब 5600 वर्ग फीट का बंगला भाऊराव देवरस सेवा न्यास को आवंटित किया गया था।
इसे लेकर भारी विवाद भी हुआ था। सदन की मंजूरी के बिना ही बंगले का कब्जा भी संस्था को दे दिया गया था। पहले नियमों के विपरीत आवंटन और फिर उसे अस्पताल चलाने के लिए देने को लेकर सदन में भारी बवाल हो सकता है।
इसके अलावा जल निगम द्वारा सीवर कार्य में मनमानी, विकास कार्यों को शुरू करने में हो देरी को लेकर भी कार्यकारिणी बैठक में मुद्दा उठेगा।
यह प्रस्ताव भी आएंगे सदन मे
- मुंशीपुलिया चौराहे से अरविंदो पार्क होते हुए सुषमा हॉस्पिटल तक जाने वाले मार्ग का नाम पार्षद स्वर्गीय वीरेंद्र जसवानी वीरू के नाम पर नामकरण।
- हैदरगंज वार्ड के नए मोहल्लों को गृहकर निर्धारण की सूची में शामिल करना।
- गणेशगंज सराय फाटक सामुदायिक केंद्र का किराया निर्धारण।
- झंडे वाला पार्क के चारों द्वारों का नामकरण।
- हिंद नगर वार्ड नेबरहुड पार्क में शहीद चंद्रशेखर आजाद व सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाना।
- चिनहट द्वितीय वार्ड में चार पार्कों का नामकरण।
- विभव खंड गोमती नगर में छत्रपति शिवाजी नाम पर प्रवेश द्वार का निर्माण।
- इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड में भूमियों के विनियम किया जाना।
- डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थिति रैन बसेरा का नामकरण श्रीमती कमलेश शुक्ला के नाम पर।
विज्ञापन
नगर निगम अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित पानी को दोबारा इस्तेमाल के लिए बेचेगा। इससे जहां भूगर्भ जलदोहन में कमी आएगी वहीं, निगम को कमाई भी होगी।
इसे लेकर बनाई जा रही कार्ययोजना पर सप्ताहभर में अमल शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले प्रति टैंकर पानी की कीमत भी तय की जाएगी।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि गोमती नगर के भरवारा में 345 एलएलडी का एसटीपी और दौलतगंज में 56 एमएलडी का एसटीपी है। अभी वहां का शोधित पानी नदी में छोड़ा जाता है।
विज्ञापन
अब योजना बनाई जा रही है कि भवन निर्माण कार्य और धूल आदि को लेकर सड़कों पर किए जाने वाले छिड़काव में इस शोधित पानी का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा।
नगर निगम के पार्कों में यही पानी उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए पहले दस टैंकर लगाए जाएंगे। शहरवासी जरूरत के हिसाब से टैंकर मंगा सकें, उसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाकर नंबर जारी किया जाएगा। कीमत तय नहीं है, लेकिन कम से कम रखी जाएगी।
विज्ञापन
वहीं, नगर निगम सदन की सोमवार को होने वाली बैठक को लेकर बृहस्पतिवार को एजेंडा जारी कर दिया गया। बैठक में भाऊराव देवरस सेवा न्यास को अस्पताल चलाने के लिए रिवर बैंक कॉलोनी में नियमों के विपरीत आवंटित बंगले का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
इसे लेकर हंगामा और बवाल हो सकता है। इसके अलावा ज्यादातर प्रस्ताव सड़क व पार्क नामकरण से जुड़े हैं।
करीब सात महीन पहले हुई नगर निगम की कार्यकारिणी की हुई बैठक में गुपचुप तौर पर नियमों के विपरीत रिवर बैंक कॉलोनी में करीब 5600 वर्ग फीट का बंगला भाऊराव देवरस सेवा न्यास को आवंटित किया गया था।
इसे लेकर भारी विवाद भी हुआ था। सदन की मंजूरी के बिना ही बंगले का कब्जा भी संस्था को दे दिया गया था। पहले नियमों के विपरीत आवंटन और फिर उसे अस्पताल चलाने के लिए देने को लेकर सदन में भारी बवाल हो सकता है।
इसके अलावा जल निगम द्वारा सीवर कार्य में मनमानी, विकास कार्यों को शुरू करने में हो देरी को लेकर भी कार्यकारिणी बैठक में मुद्दा उठेगा।
यह प्रस्ताव भी आएंगे सदन मे
- मुंशीपुलिया चौराहे से अरविंदो पार्क होते हुए सुषमा हॉस्पिटल तक जाने वाले मार्ग का नाम पार्षद स्वर्गीय वीरेंद्र जसवानी वीरू के नाम पर नामकरण।
- हैदरगंज वार्ड के नए मोहल्लों को गृहकर निर्धारण की सूची में शामिल करना।
- गणेशगंज सराय फाटक सामुदायिक केंद्र का किराया निर्धारण।
- झंडे वाला पार्क के चारों द्वारों का नामकरण।
- हिंद नगर वार्ड नेबरहुड पार्क में शहीद चंद्रशेखर आजाद व सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाना।
- चिनहट द्वितीय वार्ड में चार पार्कों का नामकरण।
- विभव खंड गोमती नगर में छत्रपति शिवाजी नाम पर प्रवेश द्वार का निर्माण।
- इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड में भूमियों के विनियम किया जाना।
- डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थिति रैन बसेरा का नामकरण श्रीमती कमलेश शुक्ला के नाम पर।