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Lucknow News: मेरा लड़का अकेला है, अब क्या करेंगे हम...

Tue, 02 Jun 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 02 Jun 2026 10:52 PM IST
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My son is all alone what will we do now
जिलाअस्तपाल में घायल का हाल जानते अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता।
अयोध्या। ककरही बाजार में राधेश्याम की हत्या के बाद मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है। जबकि, अस्पताल में भर्ती मृतक की पत्नी रेनू के पास लोगों का तांता लगा है। सांत्वना बंधाने वालों को देख रेनू के रुंधे गले से एक ही वाक्य निकल रहा है, ''मेरा आदमी नहीं रहा, मेरा लड़का अकेला है, अब क्या करेंगे हम''। इसे सुन हर कोई निरुत्तर रहा।
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कैंट क्षेत्र के ककरही बाजार निवासी राधेश्याम यादव के पिता मौजीलाल, मां मीना देवी और भाई घनश्याम उनके सामने के ही दूसरे पैतृक मकान में रहते थे। वह अपनी पत्नी रेनू और 10 साल के बेटे कन्हैया के साथ अलग रहते थे। मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन उनके मां-बाप और भाई से उनका लगातार विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, परिवार के लोग उन्हें मकान से बेदखल करना चाहते थे या फिर उनसे खर्च देने का दबाव बनाते थे। साथ ही राधेश्याम के मकान में बने शौचालय का उपयोग करने के नाम पर प्राय: झगड़ा करते रहते थे। इसी झगड़े में सोमवार की भोर में मां-बाप, भाई और बहन ने मिलकर राधेश्याम की हत्या कर दी। उन्हें बचाने गईं रेनू का हाथ-पैर तोड़ डाला। वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उनका ऑपरेशन करने की तैयारी है। उधर, मां-बाप, भाई-बहन सोमवार को जेल भेजे जा चुके हैं।
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मंगलवार की सुबह सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने जिला अस्पताल में जाकर रेनू का हालचाल जाना। दोपहर में नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता भी अस्पताल गए और ऑर्थो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव के साथ महिला के इलाज का जायजा लिया। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कहा कि इस तरह की घटनाएं अत्यंत दुखद हैं।
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इनसेट
अपनों से भरा है परिवार, रिश्तेदार ने दी मुखाग्नि
राधेश्याम यादव हत्याकांड ने एक ऐसा दर्दनाक दृश्य भी छोड़ दिया, जिसने मोहल्ले वालों की आंखें नम कर दीं। उन्हीं की हत्या के आरोप में माता-पिता, भाई और बहन जेल भेजे जा चुके हैं। डरा-सहमा बेटा अपनी मां की देखभाल में अस्पताल में ही है। ऐसे में उनके अंतिम संस्कार के समय मुखाग्नि देने के लिए परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिजनों की अनुपस्थिति में एक रिश्तेदार ने आगे आकर अंतिम संस्कार की रस्म निभाई।
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