फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   muzaffarnagar current status

अभी नहीं सुधरे मुजफ्फरनगर के हालत

Sat, 12 Oct 2013 12:54 AM IST
अभिषेक यादव/लखनऊ
अभिषेक यादव/लखनऊ Updated Sat, 12 Oct 2013 12:54 AM IST
विज्ञापन
muzaffarnagar current status

मुजफ्फरनगर दंगों के एक महीने बाद भी हालात सुधरे नहीं हैं, बल्कि कैंपों में रह रहे लोगों को स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा तक की चिंताओं ने घेर रखा है।

विज्ञापन


लोग अपने परिजनों को तलाश रहे हैं, जो भगदड़ और बलवाइयों के हमलों के दौरान बिछड़ गए थे।

आशंका जताई जा रही है कि ये सभी मारे गए हैं और ऐसे में दंगों में मरने वालों की संख्या फिलहाल बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा हो सकती है।

इन्हीं बातों को रखते हुए शुक्रवार को राजधानी में विभिन्न संगठनों ने अपनी एक अध्ययन रिपोर्ट ‘30 डेज एंड काउंटिंग’ जारी की।

पढ़ें-मेरे बिना नहीं रह सकते मुलायम
विज्ञापन


संगठनों में मुजफ्फरनगर से अस्तित्व, लखनऊ से हमसफर, नेशनल अलायंस ऑफ पीपल्स मूवमेंट, निरंतर, रहनुमा सनतकदा सामाजिक पहल, सहयोग, नई दिल्ली से समा, चित्रकूट से वनांगना और मुंबई से फॉरम अगेंस्ट ऑप्रेशन ऑफ वुमन ने साझा मोर्चा ‘जॉइंट सिटीजंस इनिशिएटिव’ नाम से बनाकर यह रिपोर्ट जारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान समा की दीपा ने बताया कि कैंपों में बीमारियां और गंदगी लगातार बढ़ रही है जो हजारों लोगों का जीवन संकट में डाल सकती है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट असकरी नकवी ने बताया कि लोगों को कानूनी मदद चाहि, क्योंकि पुलिस में बहुत से मामले दर्ज ही नहीं हुए हैं।

इनसे 284 एफआईआर पिछले एक महीने में दर्ज हुई हैं, जबकि लोग डरे हुए हैं, विशेष तौर से महिलाएं, और वे पुलिस के पास नहीं जा रहे।

पुलिस की मौजूदगी में कुछ विस्थापितों के समूहों को वापस उनके गांव में लौटाने की कोशिश की गई लेकिन डर की वजह से उन्हें वापस कैंप में लौटना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed