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'पुरातत्व विभाग से वापस लेंगे दिल्ली की 50 मस्जिदें'

Tue, 09 Jun 2015 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 09 Jun 2015 01:57 AM IST
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Muslims to take 50 mosques back in Delhi.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पुरातत्व विभाग के अधीन देश भर की मस्जिदों को वापस लेगा। इसके लिए कानूनी तैयारी को लेकर लीगल कमेटी गठित करने का निर्णय किया गया है। बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि मस्जिदों की कमेटी के कन्वीनर प्रो. शकील सामदानी ने रविवार को यहां हुई बोर्ड बैठक में दिल्ली की 50 मस्जिदों की रिपोर्ट पेश की थी।

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इन मस्जिदों में नमाज नहीं अदा की जाती। इनकी देखरेख पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में पर्सनल लॉ बोर्ड ने फैसला किया है कि इन मस्जिदों में नमाज अदा करने को लेकर कोर्ट में अपील की जाएगी।
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बेटियों को भी शरीयत के मुताबिक जायदाद में मिले हक
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी का कहना है कि पिता की कृषि योग्य भूमि में शादीशुदा व कुंआरी बेटी को शरीयत के मुताबिक हक दिया जाना चाहिए।
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शरीयत के मुताबिक कृषि योग्य भूमि में बेटे के दो हिस्से और बेटी का एक हिस्सा निर्धारित है। मौलाना ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2015 ड्राफ्ट कमेटी के चेयरमैन व अपर महाधिवक्ता राज बहादुर सिंह यादव से मुलाकात के दौरान यह बात कही। उनका कहना था कि पूर्व में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्हें भी इससे अवगत करा दिया गया है।

तैयार किया जा रहा है नया ड्राफ्ट

Muslims to take 50 mosques back in Delhi.

ड्राफ्ट कमेटी के चेयरमैन राज बहादुर सिंह यादव सोमवार को यहां नदवा कॉलेज में मौलाना राबे हसनी नदवी से मिलने पहुंचे थे। यादव ने मौलाना को बताया कि वर्ष 2006 के ड्राफ्ट में जो कमियां रह गई थीं, उन्हें सुधार कर नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। कमेटी ने समाज के विभिन्न वर्गों से मिल कर उनकी राय ली है और इसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का भी सहयोग चाहती है।

यादव ने मौलाना को बताया कि आज भी विभिन्न बस्तियों में किसका घर कहां है, कहां पर दरवाजा, चबूतरा, नल इत्यादि हैं, इसका निर्धारण राजस्व दस्तावेजों में नहीं है। ऐसे में गरीबों को ताकतवर लोगों की नाइंसाफी का शिकार होना पड़ता है।

ऐसे में गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए राजस्व संहिता जरूरी है और सरकार इसे जल्द से जल्द तैयार करना चाहती है। उन्होंने बेटियों के हक को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड की मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

इस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यवाहक महासचिव मौलाना वली रहमानी, सदस्य खालिद रशीद फरंगी महली, सदस्य जफरयाब जीलानी और अब्दुर्रहीम कुरैशी ने गरीबों को इंसाफ  देने के लिए बनाए जा रहे कानून का स्वागत करते हुए ड्राफ्ट कमेटी से इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आग्रह किया।

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