तीन तलाक पर मारपीट, मुस्लिम महिलाओं ने 60 के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
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तीन तलाक व हलाला पीड़िताओं पर रविवार शाम चौक के घंटाघर के पास हमले के केस में सोमवार सुबह एफआईआर दर्ज हो पाई।
हमलावरों ने एक निजी न्यूज चैनल को इंटरव्यू दे रही इन महिलाओं की पिटाई कर बदसुलूकी की थी। उन्होंने सोमवार को महिला थाने में तहरीर दी। इस पर पुलिस ने 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
सर्वोदयनगर निवासी नाइश हसन, हाशमी बानो, रीशा खान, रुखसाना और शाहीन ने पुलिस को बताया कि वह रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे चौक थाने के घंटाघर पर निजी न्यूज चैनल को इंटरव्यू दे रही थीं। इस दौरान करीब 50 से 60 लोगों ने हमला कर दिया। बदतमीजी की और सरेबाजार पिटाई कर बुर्का फाड़ने की कोशिश की।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी वहां नहीं पहुंची। पीड़ित जब स्थानीय पुलिस चौकी पहुंची तो वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। करीब 15 घंटे तक इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि किसी भी पीड़िता का मेडिकल नहीं कराया।
सोमवार दोपहर पीड़िताओं ने महिला थाने पहुंच कर तहरीर दी। इंस्पेक्टर महिला थाना पुष्पा अवस्थी ने मारपीट, बलवा करने का प्रयास, छेड़छाड़ व लूटपाट सहित कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेज दिया।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना चौक थाने को ट्रांसफर कर दी गई है।
मौलवियों से बताया जान का खतरा
महिलाओं ने पुलिस को बताया कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए मौलवी ही जिम्मेदार हैं। वे इस तरह के हमले करा रहे हैं। उन पर कभी भी हमला हो सकता है।
उनकी जान को खतरा है। शहर के मौलवी उन पर इस तरह के हमले कराते रहेंगे ताकि उनका इस्लाम के नाम पर चलने वाला कारोबार खत्म न हो।
महिलाओं ने कहा, ज्यादातर घटनाएं एक विशेष समुदाय द्वारा कराई जा रही हैं। वे नहीं चाहते कि इस्लाम मानने वाली महिलाओं को आजादी मिले।