हज सब्सिडी खत्म करने पर मुस्लिम उलेमाओं ने दिए ये बयान, योगी के मंत्री बोले- महिलाओं को होगा लाभ
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उलमा हज यात्रा के वास्ते उड़ान तय करने के लिए खुले बाजार में टेंडर प्रक्रिया अपनाने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि सब्सिडी के नाम पर हज यात्रियों को फायदे से ज्यादा बदनामी मिल रही थी। ग्लोबल टेंडर पड़ने से सब्सिडी की तुलना में ज्यादा फायदा और सहूलियत मिल सकेगी। हज सब्सिडी समाप्त करने के केन्द्र सरकार के एलान पर धर्म गुरुओं ने यह प्रतिक्रिया दी है। पेश है उनके विचार-
मुस्लिम संगठन पहले से कर रहे थे मांग
ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली का कहना है कि केंद्र सरकार हज सब्सिडी के नाम पर एयर इंडिया को फायदा दे रही है। हाजियों को सब्सिडी के नाम पर सिर्फ बदनाम किया जा रहा है। इसी वजह से तमाम मुस्लिम संगठन काफी समय से सब्सिडी खत्म करने की मांग कर रहे थे। एयर टिकट के टेंडर की खुली प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। इससे एयरलाइंस कंपनियां 60 फीसद कम किराए पर राजी हो जाएंगी।
एक समुदाय को खुश करने की कोशिश
टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान रहमानी कहते हैं कि हज मजहब से जुड़ा मामला है, इसके लिए मिलने वाली सुविधाएं खत्म करना ठीक नहीं है। एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा देकर सभी देशवासियों को साथ लेकर चलने की बात कह रही है, वहीं एक समुदाय को खुश करने के लिए लगातार दूसरे समुदाय पर किसी न किसी तरीके से निशाना साध रही है। हज सब्सिडी खत्म करने से हज यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हज यात्रियों को नहीं मिलता था पूरा लाभ
ऑल इंडिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद मुश्ताक नदवी ने कहा, देश में करीब डेढ़ लाख हज यात्रियों के टिकट पर सब्सिडी के नाम पर एयर इंडिया को फायदा दिया जा रहा था। इसका पूरा लाभ हज यात्रियों को नहीं मिलता था। अब केन्द्र सरकार ने हज सब्सिडी खत्म करने का एलान कर दिया है तो ईमानदारी से एयरलाइंस तय करने के लिए ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए। इससे हाजियों को ज्यादा फायदा होगा।
मुद्दे के राजनीतिक अर्थ निकाले जाएंगे
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी का कहना है कि भारत से हज पर जाने वालों को सब्सिडी देने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अच्छा संदेश जाता था। हालांकि, हज यात्रियों को मालूम नहीं रहता है कि उसे सब्सिडी दी जा रही है। इसे खत्म करने से इसका राजनीतिकरण होगा क्योंकि वर्तमान सरकार के तमाम फैसले मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आ रहे हैं। हज के लिए ओपन बाजार में उड़ान तय होने से किसी एक एयरलाइंस को फायदा नहीं मिल पाएगा। ऐसा होने से सब्सिडी से ज्यादा किराया सस्ता हो जाएगा
अब देखेंगे सरकार की ईमानदारी
शिया धर्मगुरु मौलाना हबीब हैदर ने प्रतिक्रिया दी कि हज सब्सिडी का फायदा आजमीन-ए-हज को नहीं मिलता था। इसका पूरा फायदा एयर इंडिया को दिया जा रहा था। केन्द्र सरकार ने हज सब्सिडी बंद करने का एलान करते हुए कहा है कि सब्सिडी के 700 करोड़ रुपये अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च किए जाएंगे। अब देखना है, सरकार यह पैसा कितनी ईमानदारी से खर्च करती है।
स्वागत योग्य है फैसला
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी का कहना है कि हज सब्सिडी गैर शरई है। इससे सिर्फ एयर इंडिया को फायदा पहुंच रहा था। सब्सिडी हटने से एयरलाइंस कंपनियों में प्रतिस्पर्धा होगी। इसका फायदा हज पर जाने वाले जायरीन को सीधे तौर पर मिल सकेगा। इसे देखते हुए हज सब्सिडी खत्म करने का फैसला स्वागत योग्य है। इसका पैसा अल्पसंख्यक बच्चों की शिक्षा में लगाया जाएगा।
पूरा हो रहा है पीएम का सपना
वहीं, यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, हज सब्सिडी खत्म करने के निर्णय का स्वागत है। इसका धन मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा पर खर्च होगा। महिलाएं शिक्षित होकर विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकेंगी। साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का सपना इस निर्णय से पूरा होता दिख रहा है।