फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   murder planned in Pratapgarh jail

जेल में ही बना हत्या के लिए रोडमैप

Tue, 14 Jan 2014 09:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रायबरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, रायबरेली Updated Tue, 14 Jan 2014 09:01 AM IST
विज्ञापन
murder planned in Pratapgarh jail

प्रतापगढ़ जिले के सेंट्रलबार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदत्त मिश्रा एडवोकेट की हत्या की साजिश जेल के अंदर से रची गई थी। एक वकील ने फिरौती देकर हत्या कराई थी।

विज्ञापन


जिले की पुलिस ने आजमगढ़ के एक अपराधी को गिरफ्तार करके वकील की हत्या के अलावा जगतपुर थाना क्षेत्र में हुए सेल्समैन लूटकांड समेत कई घटनाओं का खुलासा किया है।
विज्ञापन


घटना में शामिल अन्य अपराधी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

अपर पुलिस महानिदेशक अरुण कुमार ने पुलिस कार्यालय में सोमवार को रायबरेली के एसपी राजेश पांडेय और प्रतापगढ़ जिले के एसपी सुरेंद्र कुमार वर्मा के मौजूदगी में घटनाओं का खुलासा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि डलमऊ कोतवाल संगमलाल मिश्रा और एसओ जगतपुर राम औतार ने एक मुठभेड़ के दौरान सोमवार को तड़के मोनू सिंह उर्फ आशुतोष सिंह निवासी बूंदा थाना दीदार नगर जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार किया गया है।

तीन दिन पहले जगतपुर थाना क्षेत्र के अलावलपुर स्थित पेट्रोलपंप के सेल्समैन शारदा प्रसाद को गोली मारकर मोनू ने अपने साथियों के साथ 1 लाख 60 हजार रुपये लूट लिए थे।

इसमें शिवम उर्फ टमाटर निवासी सदर मोड़ चौराहा, विजय मिश्रा, दुर्गेश सिंह, अजय मौर्या निवासी गोड़े सदर कोतवाली और अमित तिवारी निवासी हरजामऊ थाना पट्टी जिला प्रतापगढ़, जेपी सिंह निवासी कटियाई थाना थरवई जिला इलाहाबाद शामिल थे।

इसमें से शिवम और जेपी सिंह को बीती 11 जनवरी को गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेज दिया गया था।

एडीजी ने बताया कि जेल भेजा गया जेपी सिंह एलआईआईसी अभिकर्ता है, जो लूट की घटनाओं की कार्ययोजना तैयार करता था। उसका साला विकास शातिर अपराधी है।

एडीजी ने बताया कि मोनू से पूछताछ में प्रतापगढ़ जिले में की दो सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा हुआ है। बीती 19 दिसंबर 2013 को प्रतापगढ़ के सेंट्रलबार के अध्यक्ष राजदत्त मिश्रा को नहर पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।

वकील की हत्या की की साजिश एलआईसी अभिकर्ता के साले विकास ने दीपक तिवारी के साथ मिलकर रची थी। दीपक तिवारी आरोपी अमित तिवारी का भाई है, जो इस समय प्रतापगढ़ जिले में बंद है।


एक वकील ने बार अध्यक्ष की हत्या कराने के लिए दो लाख रुपये फिरौती के रूप में दिए थे और फिर साजिश के तहत बार अध्यक्ष की हत्या को अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि इन्हीं आरोपियों ने बीती 28 अक्तूबर 2013 को प्रतापगढ़ के विधायक मोती सिंह के भतीजे मुन्ना सिंह को गोली मारकर लूट की घटना को अंजाम दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed