दुस्साहस: कैंट थाने के सामने युवक को गोलियों से भून डाला, शांत बैठी रही पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट में शनिवार शाम थाने के सामने बाइक सवार बदमाश ने पूड़ी बेचने वाले 38 वर्षीय दीपक वर्मा उर्फ दीपू की गोली मारकर हत्या कर दी। उसका सुबह बाइक सवार से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। बदला लेने के लिए बाइक सवार दोपहर को साथियों को लेकर आया और धमकियां दीं। शाम को बदमाश ने स्कूटी से जा रहे दीपक को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
गोलीबारी में दीपक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठे पुष्पराज उर्फ अनिल मिश्रा के हाथ में गोली लगी है। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। वारदात की जानकारी पर आईजी रेंज एसके भगत, एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
दीपक सदर स्थित रामदास का हाता का रहने वाला था और सदर में पुल के नीचे जय महाकाल पूड़ी भंडार के नाम से ठेला लगाने के साथ टिफिन बांटता था। उसके साथ काम करने वाला पुष्पराज सदर के लकड़मंडी इलाके में रहता था।
शनिवार सुबह पौने 12 बजे दोनों पूड़ी की दुकान पर थे कि तभी बाइक से दो बदमाश वहां आए। वे भटूरे पैक कराकर जाने लगे तो दीपक ने रुपयों के लिए टोका। इस पर बदमाशों ने 100 रुपये देने की बात कही। दीपक ने कहा, उसे रुपये नहीं मिले। इसे लेकर झगड़ा शुरू हो गया।
दीपक ने बाइक सवारों में से एक को थप्पड़ मार दिया। वह उसे देख लेने की धमकी देते हुए चला गया। इसके बाद दोपहर तीन बजे वही बदमाश कार से दो अन्य साथियों को लेकर फिर दीपक के ठेले पर पहुंचा। लोगों ने बताया कि बदमाश शराब के नशे में थे।
क्राइम ब्रांच का बताकर दी धमकी
बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताते हुए पिस्टल दिखाकर दीपक को धमकी दी। इसके बाद पूड़ी पैक कराकर चले गए। शाम सात बजे दीपक और पुष्पराज स्कूटी से टिफिन उठाने चले गए। आठ बजे दोनों कैंट थाने के सामने स्थित स्टेट बैंक पहुंचे, तभी बदमाश वहां आ गया।
स्कूटी दीपक चला रहा था। बदमाश ने स्कूटी रुकवाकर फायरिंग शुरू कर दी। तीन में से एक गोली दीपक के दायें कंधे को चीरती निकल गई, दूसरी कमर की दायीं ओर धंस गई। तीसरी गोली पुष्पराज के दायें हाथ पर लगी। बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकला। एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी की पहचान को फुटेज खंगाली जा रही है।
इकलौता बेटा था, सदमे में पत्नी-बच्चे
दीपक के पिता धर्मवीर वर्मा की मौत हो चुकी है। वह इकलौता बेटा था। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। घर पर पत्नी पूजा, सात साल की बेटी अनुष्का और पांच साल का बेटा दृश्य के अलावा मां है।
उसकी हत्या की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे सदमे में हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक ही परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था।
भीड़भरी जगह पर दिनभर चला बवाल, शांत बैठी रही पुलिस
जिस जगह पर दीपक ठेला लगाता है, वह सदर इलाके की सबसे व्यस्त जगह है। दिन में अक्सर यहां पैदल चलने की भी जगह नहीं रहती है। सुबह यहां झगड़ा होने के बाद दोपहर को भी दोनों पक्ष में तनातनी हुई। बदमाश पूड़ी विक्रेता को खुलेआम असलहा दिखाकर धमकाते हुए चले गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस की निष्क्रियता के चलते बदमाश का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि देर शाम उसने थाने के सामने ही वारदात कर डाली। इलाकाई लोगों का कहना था कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो नौबत हत्या तक न पहुंचती।