मुनव्वर बोले मेरा नहीं 'अफवाहों से कत्ल होने लगा' वाला शेर
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एक शेर पूरे दिन सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोरता रहा। महेश भट्ट सहित जाने कितनों ने इसे मुनव्वर राना का शेर बताते हुए इसे ट्वीट किया। लेकिन मुनव्वर ने इसे खारिज कर दिया।
‘लगाया था जो पेड़ भक्तों ने कभी, वो पेड़ फल देने लगा, मुबारक हो हिंदुस्तान में अफवाहों से कत्ल होने लगा...।’ नामचीन शायर मुनव्वर राना के नाम से यह शेर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस शेर को दादरी में हुई घटना से जोड़कर उसकी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाने लगा।
हजारों लोगों ने इसे व्हाट्सअप पर एक-दूसरे को भेजा। अपना स्टेटस बनाया और फेसबुक पर शेयर किया। क्या आम लोग और क्या सेलिब्रेटी।
यहां तक कि फिल्म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट तक ने इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर दिया। फिल्मकार महेश भट्ट ने शनिवार शाम करीब 6 बजे इस शेर को अपने अकाउंट पर लिखा, जिसे सैकड़ों की संख्या में रीट्वीट किया गया। सैकड़ों लोगों ने इसे फेवरिट में शुमार कर लाइक किया।
मुनव्वर बोले मेरा नहीं है यह शेर
इससे हैरान मुनव्वर राना ने रविवार शाम ट्वीट किया कि यह शेर उनका नहीं है। वहीं मुनव्वर के चाहने वालों ने उन्हें इसकी शिकायत करने की सलाह दी है। रविवार शाम मुनव्वर के परिचितों ने उन्हें सोशल मीडिया पर जब इस नए शेर की दाद और जानकारी दी तो उन्होंने पड़ताल की। उन्होंने पाया कि कई और सोशल मीडिया यूजर उनके नाम से इस शेर को चला रहे हैं, जिसे खूब रीट्वीट और शेयर किया जा रहा है।
मुनव्वर राना ने फिल्मकार महेश भट्ट को अपडेट किया कि ये शेर उनका नहीं है। साथ ही कुछ लोगों के स्क्रीनशॉट कोलॉज के साथ ट्वीट किया और जानकारी दी कि यह शेर उनका नहीं है।
इस अपडेट के बाद लोगों की प्रतिक्रिया उन्हें मिल रही है। किसी ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने को कहा है तो कोई जता रहा है कि राना ऐसा नहीं लिख सकते।
(रविवार दोपहर बाद मेरे कुछेक चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर लोगों मेरे नाम से चलाए जा रहे इस प्रकार के शेर के बारे में जानकारी दी। कई नामी फिल्मी हस्तियों ने भी ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया पर ये शेर मेरेनाम से लिखकर चला दिया। लेकिन मैंने ये कभी लिखा ही नहीं, ये हमारा शेर है ही नहीं।) मुनव्वर राना