मुलायम की नसीहत से सुधर गए अफसर
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की नसीहत का सरकारी कामकाज पर असर नजर आया। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले पूरी कराई जाने वाली परियोजनाओं की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सोमवार से शुरू कर दी।
अब हर हफ्ते सोमवार को वे आधे-आधे घंटे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे व लखनऊ मेट्रो के कामकाज की समीक्षा करने के साथ ही इनमें आने वाली बाधाएं दूर कराएंगे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के शिलान्यास मौके पर रविवार को मुलायम ने समय से परियोजनाएं पूरी न होने पर सख्त नाराजगी जताई थी।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों से तय समय से पहले एक्सप्रेस वे का काम पूरा करने का वचन भी ले लिया था। इसके अगले ही दिन सोमवार को मुख्य सचिव लखनऊ मेट्रो व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे को वादे के मुताबिक समय से पहले पूरा कराने की योजना पर खुद जुट गए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन दोनों ही परियोजनाओं को 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले 2016 में ही पूरा करने का वादा कर रखा है। मेट्रो रेल के लखनऊ में रफ्तार भरने से पूरे प्रदेश में संदेश जाना है तो एक्सप्रेस वे बनने से सरकार को पश्चिमी यूपी में बड़ी संभावनाएं नजर आती हैं।
खत्म हो गई सबसे बड़ी समस्या
पहले दिन इन दोनों परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, आर्थिक समस्या सहित कई मामले सामने आए। मुख्य सचिव ने अफसरों को फाइलों पर लंबी-चौड़ी लिखा-पढ़ी के बजाय समस्याओं के समाधान में दिमाग लगाने की नसीहत दी। पता चला कि कई समस्याएं बैठक में ही सुलझ गईं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व औचक निरीक्षण से परखेंगे प्रगति
मुख्य सचिव ने बताया कि दोनों परियोजनाओं की हर सोमवार को नियमित समीक्षा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जरूरी निर्देश दिए जाएंगे और कार्यस्थल पर पहुंचकर काम की प्रगति भी देखी जाएगी।
अफसरों को इसके बारे में बता दिया गया है। उन्होंने एक्सप्रेस वे के लिए बेहद कम समय में 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण कराने के लिए यूपीडा के सीईओ नवनीत सहगल की तारीफ भी की। रंजन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण हो जाने से एक्सप्रेस वे में कोई रुकावट नहीं बची है।