मुलायम बोले, 'तीन लोगों ने रची दादरी कांड की साजिश'
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि दादरी कांड की साजिश तीन लोगों ने रची थी। इन्हीं लोगों ने मुजफ्फरनगर में दंगा कराया था। उन्होंने इनके नामों का खुलासा नहीं किया। कहा कि इनकी पड़ताल कराई जा रही है। एक दल भेजकर जांच कराई जाएगी। सरकार जल्द ही सच्चाई सामने लाएगी। उन्होंने सांप्रदायिक शक्तियों को कुचलने के लिए प्रदेश सरकार तक कुर्बान करने की बात कही।
मुलायम सिंह बृहस्पतिवार को सपा मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि दादरी के बिसाहड़ा गांव में जानबूझकर साजिश की गई। हमने पता लगाया कि साजिश करने वालों में एक दल व एक संस्था से जुड़े तीन लोग मुख्य हैं।
ये मुजफ्फरनगर में साजिश करके 64 लोगों की हत्याएं कराने में कामयाब हो गए थे लेकिन वहां भी सद्भाव को बिगाड़ने में नाकाम रहे। दुखद है कि दादरी की घटना ऐसे परिवार के साथ की गई जिसका नौजवान सीमा पर देश की रक्षा करता है। उन्होंने कहा, पूरे देश में इस समय विकास की भूख है। गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के सवाल हैं। हम प्रदेश को विकास की तरफ ले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सरकार के काम की चर्चा पूरे देश में है। समाजवादी सरकार कसौटी पर खरी उतर रही है। जनता में सरकार के प्रति विश्वास पैदा हुआ है। इसी से ध्यान बंटाने के लिए बिसाहड़ा की घटना को अंजाम दिया गया।
'चोर नहीं, चोर की नानी को पकड़ो'
सपा मुखिया ने कहा, वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। कहेंगे कि साजिश करने वाले असली लोग सामने आएं। चोर नहीं, चोर की नानी को पकड़ो। सांप्रदायिकता फैलाने की साजिश रचने वाले तीनों नामों की समीक्षा करेंगे, जांच कराएंगे। साजिश मुजफ्फरनगर में की गई और दादरी में भी। जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।
उन्होंने कहा, भले ही सरकार कुर्बान हो जाए, सांप्रदायिक शक्तियों को कुचलने का काम किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वे ‘सबका साथ-सबका विकास’ के अपने नारे बारे में सोचें। वह उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री हैं। उनके प्रदेश में जो कुछ हो रहा है उसे उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।
व्यापक दृष्टि के कारण चाहते हैं सद्भाव
मुलायम सिंह ने कहा कि दादरी की घटना से वह दुखी हैं। सपा ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए अथक प्रयास किए हैं, इसमें कामयाब भी हुए हैं। सांप्रदायिक शक्तियां नहीं चाहती देश में सद्भाव रहे। उन्होंने कहा, हमारी दृष्टि व्यापक है। पंजाब में पठानकोट से बांग्लादेश के किनारे तक सीमा पर ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनसे देश की एकता को खतरा हो सकता है। कुछ पड़ोसी भी नाराज हैं। ऐसे में देश के भीतर सद्भाव जरूरी है।
'हमें कटु अनुभव, अखिलेश को भी हो जाएंगे'
मुलायम ने कहा, हमें सांप्रदायिक ताकतों के कटु अनुभव हैं। यह भी पता है वे कैसे साजिश रचते हैं, कैसे अफवाहें फैलाते हैं। अयोध्या के मुद्दे पर हमने देखा है। अयोध्या पर 11 लाख लोगों ने चढ़ाई की थी। जनता के सहयोग से हमने न केवल सांप्रदायिक ताकतों का मुकाबला किया, उनके कुचलकर दिखाया। अखिलेश यादव को भी सांप्रदायिक ताकतों के कटु अनुभव हो जाएंगे।
उस वक्त चंद्रशेखर देते थे सलाह
सपा सुप्रीमो ने कहा कि अयोध्या मसले के समय राष्ट्रीय नेताओं में चंद्रशेखर उन्हें सलाह देते थे। उन्होंने उनकी कई सलाह मानी भी हैं। उन्होंने तो यहां तक सलाह दी थी कि एक वर्ग विशेष के 1000 लोगों को ट्रेनिंग दो। सभी जानते हैं वह किसके लिए कह रहे थे। शरद पवार को भी उस समय के हालात की जानकारी थी। वह भी चंद्रशेखर से बात करते थे। उस समय दर दल के बड़े नेताओं ने उनका सहयोग किया, जरूरी राय भी दीं।
महंत अवैद्यनाथ झूठ नहीं बोलते थे
मुलायम ने कहा, राम जन्म भूमि आंदोलन का नेतृत्व महंत अवैद्यनाथ कर रहे थे। वह झूठ नहीं बोलते थे। हमारी उनसे बात होती थी। हम लोग एक-दूसरे को राय देते थे। स्थिति ऐसी बन गई थी कि चाहते हुए भी बात उनके हाथ से निकल गई थी। हम सांप्रदायिक लोगों से बात भी करते थे और उन्हें कार्रवाई की चेतावनी भी देते थे।
आजम की चिट्ठी घर का मामला
कैबिनेट मंत्री आजम खान द्वारा दादरी कांड पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव को चिट्ठी लिखे जाने पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसे पार्टी में तय कर लेंगे।
मोदी पर सीधी टिप्पणी से परहेज
मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री मुलायम सिंह यादव पर सीधा टिप्पणी से परहेज किया। दादरी कांड और सांप्रदायिक तनाव की अन्य घटनाओं पर पीएम की चुप्पी के सवाल पर उन्होंने कहा, वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बात करके बताएंगे। उन्होंने दादरी कांड पर राष्ट्रपति के बयान की सराहना की और उससे सहमति जताई।
बिहार चुनाव को गंभीरता से ले रहे
मुलायम सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव को सपा गंभीरता से ले रही है। वह 11 अक्तूबर को और सीएम अखिलेश यादव 12 अक्तूबर को बिहार में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे।