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तीसरे मोर्चे की ओर बढ़े मुलायम
राजेन्द्र सिंह/लखनऊ
Updated Tue, 08 Oct 2013 08:25 AM IST
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दिल्ली के तख्त का ख्वाब देख रही समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका बनाने के लिए विस्तार को बेताब है। तीसरे मोर्चे की संभावनाओं के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं।
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सोमवार को उन्होंने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बाबा गौड़ा पाटिल को सपा में शामिल कर कर्नाटक का प्रदेश अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश का प्रभारी बना दिया। सपा की योजना चार राज्यों के विधानसभा चुनाव भी मजबूती से लड़ने की है।
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उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद से मुलायम सिह की कोशिश प्रदेश से बाहर समाजवादी पार्टी का विस्तार करने की है। इससे उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाना आसान हो जाएगा।
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चार लोगों के विभाग में भी मंत्री बना रही यूपी सरकार
तीसरा मोर्चा बनने की स्थिति में स्वाभाविक तौर पर उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री बनने का सपना भी तभी देखा जा सकेगा जब राष्ट्रीय राजनीति में ‘नेताजी’ ज्यादा मजबूत होंगे।
उन्हें यह सालता है कि देश के सबसे बड़े राज्य में मजबूत जनाधार के बावजूद सपा राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल नहीं कर पाई। वह कह भी चुके हैं कि बसपा राष्ट्रीय पार्टी बन सकती है तो सपा क्यों नहीं?
अखिलेश को किया आगे
राष्ट्रीय राजनीति में पहचान के लिए जहां मुलायम सिंह यादव ने खुद सक्रियता बढ़ाई है वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी आगे किया है। मुलायम-अखिलेश कई राज्यों का दौरा कर रहे हैं।
पिछले दिनों झारखंड में यूपी के मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत हुआ। रांची में उनकी सभा भी हुई। कर्नाटक दौरे पर उनके साथ मुलायम सिंह यादव भी थे। उनकी रैली काफी भव्य और विशाल रही।
तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के बाद आंध्र प्रदेश में भी स्थिति थोड़ी उलझी हुई है। मुलायम सिंह से चंद्रबाबू नायडू के नजदीकी रिश्ते हैं तो जगन रेड्डी से अखिलेश यादव के अच्छे संबंध हैं।
कोलकाता में सपा ने किरनमय नंदा को आगे कर रखा है। राजस्थान के यादव बहुल क्षेत्रों में सपा के विधायक पहले जीत चुके हैं। मध्य प्रदेश को लेकर भी उम्मीदें हैं। बिहार, बंगाल और उत्तराखंड आदि में भी सपा विस्तार की योजना में जुटी है।
तीसरे मोर्चा बनाने पर नजर
मुलायम सिंह लोकसभा चुनाव बाद तीसरे मोर्चे की सरकार बनने का दावा करते रहे हैं। इसे शक्ल देने के लिए वह मार्क्सवादी प्रकाश करात समेत कई नेताओं से संपर्क में हैं।
दिल्ली में तीसरे मोर्चे की नींव डालने की कोशिश हो रही है। कर्नाटक, आंध्र, पश्चिमी बंगाल, झारखंड आदि के दौरे तीसरे मोर्र्चे केगठन की रणनीति का हिस्सा है। उन्हें उम्मीद है कि गैर कांग्रेस-भाजपा दलों की अगुवाई के लिए सपा और मुलायम सिंह सर्वामान्य हो सकते हैं।
सपा निभाएगी अहम भूमिका
सपा के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी कहते हैं कि तीसरे मोर्चे की रूपरेखा तय करने के साथ ही सपा को देश की राजनीति में अहम भूमिका निभानी है।
गैर भाजपा- गैर कांग्रेसी विकल्प की तरफ देश की जनता आशा भरी निगाहों से देख रही है। कई राज्यों में सपा संगठन का विस्तार हुआ है। सपा आठ से दस राज्यों में मजबूती से लोकसभा चुनाव लड़ेगी।
दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ऐसी सीटों को चिह्नित कर प्रत्याशी उतारने की तैयारी चल रही है जहां पार्टी की मजबूत स्थिति है। मुख्यमंत्री और सपा मुखिया कई दूसरे राज्यों का दौरा कर चुके हैं।
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