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मुलायम ने शिवपाल को दिया झटका, कहा- सेकुलर मोर्चा बनाने पर नहीं की बात

Sun, 07 May 2017 11:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 07 May 2017 11:20 AM IST
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mulayam singh yadav on secular front of shivpal singh yadav.
मुलायम ‌सिंह यादव व शिवपाल सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को समाजवादी सेकुलर मोर्चा बनाने की मुहिम में जुटे शिवपाल सिंह यादव को झटका दिया। कहा कि शिवपाल ने मोर्चा बनाने की घोषणा से पहले उनसे चर्चा नहीं की। वह इस मुद्दे पर उनसे बातचीत करेंगे।

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उनके रुख से सेकुलर मोर्चा बनाने में जुटे शिवपाल समर्थकों का उत्साह हल्का पड़ा है। शनिवार को वह इटावा से लखनऊ पहुंच गए लेकिन उनकी मुलायम सिंह से बातचीत नहीं हो पाई। माना जा रहा है कि शिवपाल का अब अपनी घोषणा से पीछे हटना मुश्किल है।
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सपा में हाशिये पर चल रहे शिवपाल सिंह यादव ने नेताजी (मुलायम सिंह) का सम्मान वापस दिलाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए समाजवादी सेकुलर मनाने की घोषणा की है। शुक्रवार को ही उन्होंने इटावा में कहा था कि मोर्चे का नेतृत्व नेताजी करेंगे। नेताजी ने शनिवार को इस मुद्दे पर विरोधाभारी बयान दिया।
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कहा कि शिवपाल ने सेकुलर मोर्चा बनाने से पहले उनसे विचार-विमर्श नहीं किया। उनकी शिवपाल से एक सप्ताह से बात भी नहीं हुई है। वह शिवपाल से बात करेंगे और उन्हें मना लेंगे।

शिवपाल मेरे व पार्टी के साथ

mulayam singh yadav on secular front of shivpal singh yadav.
शिवपाल सिंह यादव - फोटो : amar ujala

उन्होंने कहा कि परिवार या पार्टी का कोई आदमी नहीं चाहती कि सपा का बंटवारा हो। परिवार में विवाद से वह लगातार इन्कार कर रहे हैं। कहा कि शिवपाल मेरे और पार्टी के साथ खड़ा रहा है। वह मौजूदा हालात से दुखी हैं और इसी वजह से सेकुलर फ्रंट के गठन की बात कही है।

मुलायम सिंह का बदला हुआ रुख शिवपाल के लिए झटका है। शुक्रवार को मुलायम और शिवपाल दोनों इटावा में थे। उनके बहनोई अजंट सिंह के आवास पर बैठक के बाद शिवपाल ने कहा था कि सेकुलर मोर्चे की अगुवाई मुलायम सिंह यादव करेंगे।

शनिवार को शिवपाल के लखनऊ पहुंचने से पहले ही मुलायम ने मोर्चा बनाने की यह कहकर हवा निकाल दी कि इस मुद्दे पर उनकी शिवपाल से कोई बात नहीं हुई है। शाम को उनके आवास पर काफी संख्या में समर्थक जुटे। दोपहर तक वे पूरा उत्साहित थे लेकिन शाम को मुलायम के रुख से उनमें मायूसी दिखी।

शिवपाल ने उन्हें सेकुलर फ्रंट के गठन से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए माना जा रहा है कि वह मुलायम सिंह से मिलने के बाद ही इस मुद्दे पर कुछ बोलेंगे।

शायद ही टले सेकुलर फ्रंट का गठन

mulayam singh yadav on secular front of shivpal singh yadav.

शिवपाल को मुलायम सिंह का भरोसेमंद माना जाता है। वह कहते रहे हैं कि नेताजी का इशारा उनके लिए आदेश है। अब तक माना जा रहा था कि सेकुलर फ्रंट का गठन नेताजी से हरी झंडी मिलने के बाद ही किया जा रहा है।

चार दिन पहले मुलायम सिंह ने कहा भी था कि हमने बड़ी मेहनत से पार्टी बनाई है, अब चुप नहीं बैठेंगे, विचार कर रहे हैं कि क्या करें। उनकी इस बात को भविष्य की राजनीति का संकेत माना जा रहा था। शिवपाल इटावा से राजधानी लौट आए लेकिन मुलायम सिंह से उनकी मुलाकात नहीं हुई।

रविवार सवेरे सपा मुखिया का शहर से बाहर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यदि वह बाहर गए तो शिवपाल की उनसे मुलाकात संभव नहीं हो पाएगी। चूंकि शिवपाल सपा में पूरी तरह हाशिये पर हैं।

चुनाव से पहले अखिलेश उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर चुके हैं, सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा चुके हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चुनाव में में भी उनकी राय नहीं ली गई। ऐसे हालात में उनके रिश्ते अखिलेश से सामान्य हो पाएंगे, इसकी संभावना लगती नहीं है। इसलिए वह राजनीति के लिए अलग प्लेटफार्म बना सकते हैं।

नेताजी के रुख में पहली बार बदलाव नहीं

mulayam singh yadav on secular front of shivpal singh yadav.
मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह के रुख में पहली बार बदलाव नहीं हुआ है। जब-जब नाजुक मौके आए हैं, मुलायम उनके साथ खड़े हुए हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी मुलायम सिंह सबसे पहले अखिलेश के पक्ष में खड़े हुए थे।

कहा था कि चुनाव में हार-जीत सामूहिक जिम्मेदारी होती है। इसके लिए किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। निर्वाचन में पार्टी सिंबल के विवाद पर भी उनका रुख नरम रहा था। वह सीधे तौर पर अखिलेश पर हमलावर नहीं होते हैं। कई बार यू टर्न ले लेते हैं।

13 सितंबर को शुरू हुए सपा के विवाद के बाद भी कई मौके ऐसे आए जब मुलायम सिंह का रुख बदला हुआ रहा। दरअसल, वह नहीं चाहते है कि पार्टी और परिवार में टूट। परिवार को एकजुट रखने के लिए वह अपमान का घूंट भी पी लेते हैं।

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