अंबेडकर के बहाने मुलायम का मायावती पर जोरदार हमला
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के बहाने मायावती पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर विद्वान और देश के काबिल नेता थे। उन्हें एक जाति का नेता मानना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सपा मुखिया सोमवार को पार्टी मुख्यालय में अखिल भारतीय जैन समाज की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया और जयप्रकाश नारायण समेत समाजवादी नेता अंबेडकर की प्रशंसा करते रहे हैं। अब सभी दल उनका नाम ले रहे हैं।
अंबेडकर ने दलितों के प्रति अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। वह खुद अन्याय का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि कुछ लोग उन्हें एक जाति का नेता मानते हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जदयू अध्यक्ष चुने जाने और अगला राजनीति मिशन यूपी होने से संबंधित सवाल को सपा मुखिया ने बेमौसम बताते हुए टाल दिया।
'मंगलायतन नेताजी की सोच का विद्यालय'
इससे पहले अखिल भारतीय जैन समाज की ओर से मुलायम सिंह यादव को मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़ के कुलाध्यक्ष अच्युतानंद मिश्र और सचिव स्वप्निल जैन ने जैन समाज की ओर से डॉ. राम मनोहर लोहिया की मूर्ति देकर सम्मानित किया।
मंगलायतन विश्वविद्यालय की फोटो एलबम भी भेंट की। अच्युतानंद ने कहा, मंगलायतन यूनिवर्सिटी नेताजी (मुलायम सिंह) की सोच का विश्वविद्यालय है।
18 फरवरी को देश, विदेश के जैन समाज ने मंगलायतन विश्वविद्यालय में नेताजी का सम्मान समारोह रखा था। वह उसमें शामिल नहीं हो पाए थे। उनके लिए तैयार कराया गया प्रतीक चिह्न नेताजी को सौंपा गया है।
मुलायम बोले- जैन धर्म के सिद्घांतों पर चलने की कोशिश की
मुलायम ने कहा, जैन धर्म से उनका पढ़ाई के समय से ही संबंध रहा है। वह जैन कॉलेज में पढ़े और वहीं शिक्षक नियुक्त हुए। उन्होंने जैन धर्म का अध्ययन किया है।
भगवान महावीर ने धन संग्रह से बचने के लिए कहा था। यह उनका त्याग था। जैन धर्म में मानवता है, दुखी, गरीबों, अपाहिजों के प्रति सेवा भावना है।
समाज में आए बदलाव के चलते जैन समाज को व्यापार करना पड़ा। कहा, मैंने जैन धर्म के सिद्धांतों पर चलने की थोड़ी बहुत कोशिश की है।