वीपी से विद्रोह कर हमने बनवाया चन्द्रशेखर को पीएम : मुलायम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि चन्द्रशेखर साधारण घर से निकलकर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। वह हमारे आदर्श हैं। हम लोगों ने वीपी सिंह से विद्रोह करके उन्हें प्रधानमंत्री बनवाया था। यदि वह कमल मोरारका को मंत्रिपरिषद से हटा देते तो कांग्रेस उनसे समर्थन वापस नहीं लेती।
मुलायम सिंह रविवार को सपा मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की 90वीं जयंती पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। कहा कि चन्द्रशेखर के शिष्टाचार का जवाब नहीं था। हमारे उनसे गहरे संबंध थे। शुरुआती दौर में हम सोशलिस्ट पार्टी में थे और वह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी में।
बाद में विलय करके संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी बनी। उन्होंने कहा, 1990 में एक बड़े नेता ने चन्द्रशेखर से कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनना चाहिए। इस पर चन्द्रशेखर ने हमारी तरफ देखते हुए कहा, मुलायम सिंह चाहें तो हम 10 दिन में शपथ ले लेंगे। हम उस समय यूपी के मुख्यमंत्री थे।
उन्होंने कहा, तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह को हमसे बहुत परेशानी थी। हमने उनसे संजय सिंह को तोड़ा। फिर मिलकर उनके खिलाफ विद्रोह किया। कांग्रेस ने समर्थन दिया और चन्द्रशेखर प्रधानमंत्री बन गए।
सपा मुखिया ने कहा, चन्द्रशेखर को प्रधानमंत्री बनाते समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गांधी ने शर्त रखी थी कि मंत्रिमंडल में कमल मोरारका को शामिल न करें लेकिन उन्होंने मोरारका को मंत्री बनाया।
कांग्रेस ने उन्हें हटाने के लिए कहा पर, चन्द्रशेखर नहीं माने। हमने समझाया कि देश के प्रधानमंत्री पद के लिए मोरारका को हटा सकते हैं। चन्द्रशेखर नहीं माने। कहा, वह अपने साथी का अपमान नहीं होने देंगे।
मोरारका के सम्मान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद खो दिया। मुलायम ने कहा, चन्द्रशेखर के जन्म दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाना चाहिए। वह साधारण परिवार से थे।
अपने बलबूते पढ़ाई की, देश के नेता बने, राजनीति में आदर्श स्थापित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद भगवती सिंह व संचालन विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पुस्तक के संपादक सुरेश बहादुर सिंह, मंत्री ओमप्रकाश सिंह, अरविंद सिंह गोप आदि मौजूद थे।
कांग्रेस छोड़कर किया था इमरजेंसी का विरोध
मुलायम ने कहा, चन्द्रशेखर ऐसे नेता थे जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर इंदिरा गांधी और इमरजेंसी का विरोध किया था। जयप्रकाश नारायण की गिरफ्तारी होते ही विरोध जताने के लिए वह थाने चले गए थे।
वह ऐसे नेता थे, जिनके पास हर दल के लोग जाते थे। सभी दलों के नेता उनका सम्मान करते थे। एक बार बलिया में डॉ. लोहिया ने उनका एक घंटा इंतजार किया था। बाद में लोहिया चले गए। चन्द्रशेखर को इसका अफसोस रहा।
सपा मुखिया ने कहा, देश के लिए महत्वपूर्ण निर्णय करने में हम चन्द्रशेखर के साथ रहे। वह ईमानदार और बेदाग थे। वह अपने बेटे नीरज शेखर से कह गए थे कि राजनीति करनी है तो मुलायम सिंह के साथ करना। नीरज ने उनकी बात मानी। वह सपा से सांसद हैं।
बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने कहा, आपातकाल में जिस समय चन्द्रशेखर ने कांग्रेस छोड़ी उस समय इंदिरा गांधी का आतंक था। चन्द्रशेखर के अलग होेने से कांग्रेस हुकूमत की चूलें हिल गईं थी।
भाजपाइयों पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने वालों ने आपातकाल में इंदिरा गांधी से माफी मांग ली थी। आजादी की लड़ाई में भी उनका योगदान नहीं है। आजकल देश में आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। दमन और नफरत की राजनीति हो रही है। ऐसे में सभी की उम्मीदें मुलायम और अखिलेश पर हैं।