...तो क्या मोदी से डर गए सपा सुप्रीमो!
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भ्ाले ही यह बात पूरी तरह सामने नहीं आ रही है, लेकिन भीतर-भीतर सपा में नरेंद्र मोदी को लेकर एक भय बन चुका है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी माना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा चुनौती बनकर खड़ी हो गई है।
हालांकि, उन्होंने यह बात मुसलमानों को लामबंद करने के लिहाज से कही है।
सुन्नी उलेमा काउंसिल के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में सपा मुखिया ने मुसलमानों को चेताया कि अगर सपा के अलावा वे बसपा और कांग्रेस के चक्कर में पड़े तो इसका फायदा सांप्रदायिक ताकतों को होगा।
भाजपा को सपा ही कर सकती है परास्त
मुलायम सिंह यादव ने दावा किया कि सपा ही भाजपा को परास्त करने वाली पार्टी है।
काउंसिल के अध्यक्ष रियाज अहमद, मौलाना इंसाफ, मौलाना अब्दुल गनी, मौलाना हकीकउल्ला व अन्य उलेमा सोमवार को सपा मुखिया से मिलने पहुंचे थे।
इन मुस्लिम नेताओं से मुलायम ने कहा कि लोकसभा चुनावों में भाजपा की चुनौती है लेकिन सपा के रहते वे कभी सफ ल नहीं होंगे। भाजपा और कांग्रेस का बहुमत नहीं आएगा।
सपा से मुस्लिमों का रिश्ता है अटूट
इस दौरान मुलायम ने मुस्लिमों को पुरजोर रिझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा हारी तो नरेंद्र मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।
मुसलमानों को यह समझना होगा कि भाजपा और बसपा का रिश्ता अटूट है। कांग्रेस की भूमिका भी संदेह से परे नहीं है।
मोदी को रोकने के लिए सपा के साथ एकजुटता जरूरी है। उन्होंने कहा, संविधान की रक्षा के लिए उन्होंने बाबरी मस्जिद बचाई।
उर्दू को जिंदा रखने के लिए उर्दू अखबारों को विज्ञापन देने की मांग संसद में की।
दंगों पर भी खेली सियासत
सपा अध्यक्ष ने गोधरा कांड का नाम तो नहीं लिया लेकिन अपनी बातों से इस ओर इशारा जरूर कर गए।
उन्होंने कहा कि मेरठ, मलियाना, मुरादाबाद के दंगे कांग्रेस के जमाने में हुए जिसमें सैकड़ों मुसलमान मारे गए।
मुजफ्फरनगर की घटना दुखद है लेकिन सपा सरकार ने उस पर दो दिन में काबू पा लिया। उन्होंने मुसलमानों के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।